इस्लामपुर में अवैध मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा, तीन गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार

इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस्लामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम आत्मा मठ में लंबे समय से गुपचुप चल रही अवैध मिनी गन फैक्ट्री का इस्लामपुर थाना और STF (स्पेशल टास्क फोर्स) की संयुक्त टीम ने पर्दाफाश कर दिया है। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य संचालक फरार हो गया।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्राम आत्मा मठ में एक घर के पीछे झोपड़ी में देसी कट्टे और अन्य हथियार बनाए जा रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद 10 जनवरी 2026 को छापेमारी की गई, जहां चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने पाया कि विमल राम (पिता–स्व. अर्जुन राम) के घर के पीछे बनी झोपड़ी में अवैध हथियार निर्माण का पूरा सेटअप मौजूद था। यहां न केवल देसी कट्टे बनाए जा रहे थे, बल्कि हथियारों के सभी पुर्जे भी यहीं तैयार किए जा रहे थे।
पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में निर्मित, अर्धनिर्मित हथियार, बैरल, लोहे के पाइप, ड्रिल मशीन, ग्राइंडर, प्रेस मशीन, लेथ मशीन, हथौड़ा, पेंचकस, फाइल, रेती और अन्य औजार बरामद किए।
पुलिस ने इस कार्रवाई में जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें संतोष विश्वकर्मा (उम्र लगभग 36 वर्ष), ग्राम चिकसौरा बाजार, श्री जय वर्मा (उम्र लगभग 51 वर्ष), ग्राम मराची और महेंद्र प्रसाद (उम्र लगभग 51 वर्ष), ग्राम मिर्जापुर टोला शामि हैं। जबकि इस अवैध मिनी गन फैक्ट्री का मुख्य संचालक विमल राम फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी जब्त किए हैं। आशंका है कि इन मोबाइलों के जरिए हथियारों की सप्लाई, ऑर्डर और नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था। पुलिस अब कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है।
इस मामले में इस्लामपुर थाना कांड संख्या 12/26 (दिनांक 10.01.26) दर्ज की गई है। आरोपियों पर धारा 25(1-AA), 25(1-B), 26(1), 26(2), 35 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर गहन अनुसंधान किया जा रहा है।
इसलामपुर हिलसा डीएसपी 2 कुमार ऋषिराज के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ के खिलाफ पहले भी आर्म्स एक्ट और अन्य आपराधिक मामलों में केस दर्ज हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह कोई नया अपराध नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहा संगठित अवैध धंधा था।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध हथियार निर्माण, तस्करी और अपराधियों को संरक्षण देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है।





