
इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। इस्लामपुर प्रखंड क्षेत्र में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के विकास को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने ब्रहगांवा गांव पहुंचकर ग्रामीणों और रैयतों से सीधी मुलाकात की। इस दौरान डीएम ने न केवल रैयतों की समस्याएं सुनीं, बल्कि उनकी शंकाओं और सुझावों पर भी गंभीरता से विचार किया।
ग्रामीणों के साथ हुई इस बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक क्षेत्र के विकास से इलाके में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया कानून के अनुरूप, उचित मुआवजे और रैयतों के हितों को ध्यान में रखकर ही की जाएगी।
अंचलाधिकारी किशोरी चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए कुल 1300 एकड़ भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें ब्रहगांवा के साथ-साथ आत्मा, पचलोवा और सिढारी पंचायत के रैयतों की भूमि शामिल है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित रैयतों की सूची तैयार की जा रही है और आगे की प्रक्रिया में उनकी सहमति एवं आपत्तियों को महत्व दिया जाएगा।
बैठक के दौरान रैयतों ने मुआवजे की दर, पुनर्वास और भविष्य की सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए, जिनका अधिकारियों ने मौके पर ही जवाब दिया। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर रैयतों के साथ अन्याय न हो और संवाद की प्रक्रिया लगातार जारी रखी जाए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी, भू-अर्जन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार पटेल, बीडीओ संजय कुमार, थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय, वीएलओ सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।





