Hilsa Sub Divisional Monitoring Committee Meeting: शिक्षा, पोषण और जनवितरण की बदहाली का बड़ा खुलासा

District monitoring panel reviews deficiencies in hospital services, Anganwadi functioning, ration shops and school infrastructure, SDM warns of firm action against negligence.

हिलसा (नालंदा दर्पण)। हिलसा अनुमंडल कार्यालय के सभागार में आयोजित अनुमंडल स्तरीय अनुश्रवण समिति (Hilsa Sub Divisional Monitoring Committee Meeting) की बैठक ने स्थानीय प्रशासनिक तंत्र की कई परतों को उजागर कर दिया। बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार पटेल ने की, जिसमें शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं पर खुलकर चर्चा हुई।

बैठक केवल औपचारिक समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह आम नागरिकों की शिकायतों और जमीनी सच्चाइयों का आईना बन गई।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवालः अनुमंडलीय अस्पताल की स्थिति पर समिति सदस्यों ने तीखी आपत्ति जताई। प्रमुख मुद्दे इस प्रकार रहे। रोगी कल्याण समिति की नियमित बैठकें नहीं होना। टेक्नीशियन की कमी के कारण अल्ट्रासाउंड सेवा का ठप रहना। अस्पताल में बाहरी लोगों द्वारा कार्य करना, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।

यह स्थिति बताती है कि संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद प्रबंधन और निगरानी की कमी स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित कर रही है। अल्ट्रासाउंड जैसी बुनियादी जांच सुविधा का ठप रहना गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों के लिए विशेष रूप से चिंता का विषय है।

आंगनवाड़ी और पोषण योजना की हकीकतः एकंगरसराय के हैदरपुर में एक आंगनवाड़ी केंद्र पिछले एक वर्ष से बंद होने की शिकायत ने बैठक में हलचल पैदा कर दी। सेविका-सहायिका की अनुपस्थिति के कारण बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषण लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह स्थिति सीधे तौर पर कुपोषण उन्मूलन और प्रारंभिक बाल विकास योजनाओं पर असर डालती है।

विद्यालयों में मध्याह्न भोजन और भवन संकटः समिति ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन नहीं मिलने की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया। बच्चों को निर्धारित मानक के अनुरूप भोजन नहीं मिलने से न केवल स्वास्थ्य प्रभावित होता है, बल्कि शिक्षा के प्रति आकर्षण भी कम होता है।

कोनीयापर स्थित जर्जर विद्यालय भवन को लेकर नए भवन निर्माण की मांग भी बैठक में रखी गई। जर्जर भवन में पढ़ाई बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।

राशन वितरण प्रणाली में मनमानीः जन वितरण प्रणाली को लेकर कई शिकायतें सामने आईं। उपभोक्ताओं से अंगूठा लगवाकर राशन देने में टालमटोल। अधिकांश राशन दुकानों का लंबे समय तक बंद रहना। कभी-कभार खुलने पर अत्यधिक भीड़ और अव्यवस्था।

यह संकेत देता है कि खाद्य सुरक्षा योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी है। यदि राशन समय पर और सुचारु रूप से न मिले, तो गरीब और जरूरतमंद परिवारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ता है।

प्रशासन का सख्त रुखः बैठक में उठे मुद्दों पर एसडीओ अमित कुमार पटेल ने स्पष्ट किया कि शिकायतों को केवल सुना ही नहीं जाएगा, बल्कि दोषियों पर ठोस कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को सभी मामलों की अविलंब जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। साथ ही लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

एसडीओ ने दो टूक कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनुश्रवण समिति की बैठक में उठाए गए प्रत्येक बिंदु पर त्वरित कार्रवाई होगी।

व्यवस्था बनाम निगरानीः यह बैठक कई अहम सवाल छोड़ती है कि क्या योजनाओं का लाभ वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है? क्या निगरानी तंत्र केवल कागजों तक सीमित है? क्या विभागीय समन्वय की कमी ही इन समस्याओं की जड़ है?

स्पष्ट है कि योजनाओं की संख्या और बजट पर्याप्त होने के बावजूद जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन में गंभीर खामियां हैं। अनुश्रवण समिति की सक्रियता उम्मीद जरूर जगाती है, लेकिन असली परीक्षा कार्रवाई और उसके परिणामों की होगी।

बहरहाल, हिलसा अनुमंडल की यह बैठक केवल शिकायतों की सूची नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही की कसौटी है। यदि निर्देशों पर प्रभावी अमल होता है तो शिक्षा, स्वास्थ्य और राशन व्यवस्था में सुधार की नई शुरुआत हो सकती है। अन्यथा यह बैठक भी कागजी कार्यवाही बनकर रह जाएगी।

Nalanda Darpan

नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker