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पंगु बना प्रशासनः जिला परिषद डाकबंगला पर कब्जा कर खोल दिया प्राइवेट स्कूल

Administration paralyzed Zila Parishad opened a private school by occupying the dak bungalow
Administration paralyzed Zila Parishad opened a private school by occupying the dak bungalow

कतरीसराय (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां जिला परिषद डाकबंगला को कब्जे में लेकर एक निजी स्कूल का संचालन किया जा रहा है। यह डाकबंगला कतरीसराय के छाछु बिगहा गांव में स्थित है और इसका निर्माण सरकारी धन से हुआ था। लेकिन अब इसे निजी उपयोग में लाया जा रहा है।

छाछु बिगहा निवासी गुपेश कुमार ने इस मामले को लेकर नालंदा के जिलाधिकारी (DM) को आवेदन देकर शिकायत की है और त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि करीब 2 करोड़ रुपए की लागत से बने सरकारी भवन, चबूतरा और सड़क को एक व्यक्ति द्वारा जबरन अपने कब्जे में लेकर निजी स्कूल श्री साई नाथ इंटरनेशनल चलाया जा रहा है।

इस अवैध कब्जे के चलते आम जनता को उन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है, जिनके लिए ये सरकारी ढांचे बनाए गए थे। खास बात यह है कि इस डाकबंगले के साथ-साथ जिला परिषद द्वारा निर्मित चबूतरा, कसैना रोड से साई नाथ स्कूल तक की सड़क और भवन निर्माण विभाग द्वारा बनाए गए नर्स आवास पर भी कब्जा कर लिया गया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार विधायक मद से निर्मित सामुदायिक भवन को भी कब्जे में लेकर वहां शिक्षकों के रहने के लिए आवास बना दिया गया है। इतना ही नहीं सरकारी राशि से बनी सड़क को स्कूल परिसर तक सीमित कर बंद कर दिया गया है।

सरकारी धन से निर्मित सुविधाओं पर नजर डालें तो जिला परिषद डाकबंगला सह-निरीक्षण भवन 92 लाख रुपए, विधायक मद से सामुदायिक भवन 15 लाख रुपए, जिला परिषद मद से निर्मित चबूतरा 4 लाख रुपए, भवन निर्माण विभाग से नर्स आवास 10 लाख रुपए लागत खर्च से निर्मित है।

इस गंभीर मामले में प्रशासन की चुप्पी और निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। इतनी बड़ी सरकारी संपत्ति पर कब्जा होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन अब तक कोई ठोस कदम उठाने में असफल साबित हुआ है।

अब देखना यह है कि जिलाधिकारी इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं और क्या प्रशासन इस अवैध कब्जे को हटाने के लिए सख्त कदम उठाएगा या फिर यह मामला भी अन्य विवादों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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