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फर्जी BPSC शिक्षक-शिक्षिकाओं को लेकर जांच की बड़ी शुरुआत

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार के नालंदा जिले में फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी कर रहे बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के शिक्षक-शिक्षिकाओं पर कार्रवाई की तलवार लटक रही हैं।

नालंदा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी कर जिले में कार्यरत सभी BPSC के शिक्षक-शिक्षिकाओं के आवासीय प्रमाण पत्र की जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया हैं।

बिहार लोक सेवा आयोग के विज्ञापन संख्या- 26/2023 और 27/2023 के तहत नालंदा जिले में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षिकाओं के आवासीय दस्तावेजों की जाँच की जाएगी।

कार्यालय ने आशंका जताई हैं कि BPSC TRE-1 एवं BPSC TRE-2 परीक्षाओं के माध्यम से जिले के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत कई शिक्षक और शिक्षिका फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त कर रहे हैं और वे सरकारी राजस्व को चपत लगा रहे हैं।

पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया हैं कि BPSC TRE-1 और TRE-2 के अंतर्गत नियुक्त सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के आवासीय प्रमाण पत्र को प्रधानाध्यापक के माध्यम से विहित प्रपत्र में संकलित कर अधोहस्ताक्षरी कार्यालय में तुरंत जमा कराया जाए।

इस आदेश के अंतर्गत सभी प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक को कड़ी चेतावनी दी गई हैं कि यदि निर्धारित समय में दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं कराए गए तो उस देरी की पूरी जिम्मेदारी उनकी मानी जाएगी।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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