Homeनालंदाबिहार में बढ़ते तापमान के बीच बदला स्कूल टाइम, जानें नया समय...

बिहार में बढ़ते तापमान के बीच बदला स्कूल टाइम, जानें नया समय सारणी

विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल महीने में ही  बिहार में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने लगा है, जिससे दोपहर के समय बच्चों का स्कूल जाना स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है। ऐसे में सुबह के समय कक्षाएं संचालित करना एक व्यावहारिक और आवश्यक कदम है…

नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार में लगातार बढ़ते तापमान और लू के खतरे को देखते हुए शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसला लिया है। राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों के संचालन समय में बदलाव करते हुए अब कक्षाएं सुबह 6:30 बजे से शुरू करने का निर्देश जारी किया गया है। यह नई व्यवस्था आगामी सोमवार, 6 अप्रैल से लागू होगी और इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भीषण गर्मी के प्रभाव से बचाते हुए पढ़ाई को सुचारू बनाए रखना है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार विद्यालयों का संचालन अब सुबह 6:30 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक किया जाएगा। इस दौरान पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी ध्यान में रखा गया है।

निर्देश के अनुसार दिन की शुरुआत प्रार्थना एवं चेतना सत्र से होगी, जो सुबह 6:30 बजे से 7:00 बजे तक चलेगा। इसके बाद नियमित कक्षाओं का संचालन शुरू होगा। घंटियों का क्रम इस प्रकार निर्धारित किया गया है:

  • पहली घंटी: 7:00 – 7:40 बजे
  • दूसरी घंटी: 7:40 – 8:20 बजे
  • तीसरी घंटी: 8:20 – 9:00 बजे
  • टिफिन ब्रेक: 9:00 – 9:40 बजे
  • चौथी घंटी: 9:40 – 10:20 बजे
  • पांचवीं घंटी: 10:20 – 11:00 बजे
  • छठी घंटी: 11:00 – 11:40 बजे
  • सातवीं घंटी: 11:40 – 12:20 बजे

टिफिन के दौरान प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे पोषण योजना भी प्रभावित न हो।आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी शिक्षक विद्यालय की छुट्टी के 10 मिनट बाद, यानी 12:30 बजे तक ही परिसर में उपस्थित रहेंगे। इससे विद्यालयी अनुशासन बनाए रखने और प्रशासनिक कार्यों को समय पर पूरा करने में सहायता मिलेगी।

इस बदलाव से एक ओर जहां बच्चों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर अभिभावकों और शिक्षकों को भी अपनी दिनचर्या में बदलाव करना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में यह व्यवस्था अपेक्षाकृत सहज हो सकती है, लेकिन शहरी इलाकों में परिवहन और समय प्रबंधन एक चुनौती बन सकता है।

बहरहाल, बिहार शिक्षा विभाग का यह निर्णय केवल समय परिवर्तन नहीं, बल्कि छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक संवेदनशील पहल है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस नई व्यवस्था का जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी क्रियान्वयन हो पाता है और इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर क्या असर पड़ता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

𝕏 नालंदा दर्पण LIVE अपडेट

ताज़ा खबरें, ब्रेकिंग अपडेट और लाइव पोस्ट सबसे पहले पाने के लिए हमारे X चैनल से जुड़ें।

📘 नालंदा दर्पण Facebook अपडेट

ताज़ा खबरें, ब्रेकिंग अपडेट और लाइव पोस्ट सबसे पहले पाने के लिए हमारे Facebook पेज से जुड़ें।

▶ हमारा YouTube चैनल

लेटेस्ट न्यूज़, ब्रेकिंग अपडेट और वीडियो रिपोर्ट्स के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें।

अभी देखें

सर्वजन खबरें