
सिलाव (नालंदा दर्पण डेस्क)। छठ पर्व की पवित्रता को कलंकित करते हुए नालंदा जिले के सिलाव थाना क्षेत्र में छठ घाट पर दो गांवों के बीच महज एक चुनावी गाने को लेकर भयंकर मारपीट हो गई। क्दमतर गांव और गुरुदयाल बीघा-खेमजी बीघा के ग्रामीण आपस में भिड़ गए, जिसमें लाठी-डंडों और पत्थरों का खुला इस्तेमाल हुआ।
इस झड़प में महिलाओं समेत आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत पावापुरी रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की गूंज पूरे इलाके में फैल गई है और पुलिस अब मामले की गहन जांच में जुट गई है।
छठ पर्व के तीसरे दिन (28 अक्टूबर 2025) की शाम को क्दमतर गांव के निकटवर्ती छठ घाट पर महागठबंधन के प्रत्याशी के समर्थन में जोर-शोर से प्रचार गाना बजाया जा रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, गाने में प्रत्याशी की तारीफ और विरोधियों पर कटाक्ष भरे बोल थे, जो गुरुदयाल बीघा और खेमजी बीघा के कुछ लोगों को चुभ गए।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि गाना बजते ही दोनों पक्षों में कहा-सुनी शुरू हो गई। एक तरफ चुनाव प्रचार की बात कर रहा था तो दूसरा पक्ष इसे छठ की पवित्रता पर हमला बता रहा था। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों गांवों के लोग घाट पर ही आमने-सामने आ गए। स्थिति को भांपते हुए किसी ने तुरंत 112 डायल पुलिस को सूचना दे दी।
सूचना मिलते ही सिलाव थाना से 112 पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर घाट से हटा दिया और माहौल शांत हो गया लग रहा था। लेकिन असली त्रासदी तब शुरू हुई, जब गुरुदयाल बीघा और खेमजी बीघा के कुछ उग्र लोग पुलिस की मौजूदगी के बावजूद घाट से लौटते समय क्दमतर गांव के रास्ते में घात लगाकर हमला बोल दिया।
अस्पताल के बेड पर पड़े घायल कन्हैया कुमार ने दर्द भरी आवाज में बताया कि पुलिस के जाते ही उन्होंने लाठी, डंडे और पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। घर के पास पहुंचते ही मारपीट शुरू हो गई। हमले में महिलाएं भी नहीं बचीं। बौली देवी नामक एक बुजुर्ग महिला को सिर पर गंभीर चोट आई है।
झड़प में घायल हुए लोगों को तुरंत एम्बुलेंस से पावापुरी स्थित राजकीय रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, सभी घायलों की हालत स्थिर लेकिन गंभीर है। घायलों में बौली देवी (महिला, सिर और हाथ में फ्रैक्चर), कन्हैया कुमार (पसलियों में चोट, आंतरिक रक्तस्राव की आशंका), गोलू कुमार (युवक, पैर में गहरी चोट), सौरभ कुमार (सिर पर 5 टांके), नीतीश कुमार (हाथ और कमर में चोट) आदि शामिल हैं। इनमें दो घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद पटना रेफर करने की तैयारी चल रही है।
हालांकि पुलिस इसे छठ घाट पर गाने का विवाद बता रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह महागठबंधन बनाम एनडीए के समर्थकों की टक्कर माना जा रहा है। क्दमतर गांव एनडीए समर्थित माना जाता है, जबकि गुरुदयाल बीघा और खेमजी बीघा में महागठबंधन का दबदबा है।
सिलाव थानाध्यक्ष ने बताया कि चुनाव का माहौल है। छोटी सी बात को राजनीतिक रंग दे दिया गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों से लिखित शिकायत ली है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि आगे कोई अनहोनी न हो।
इस घटना ने छठ पर्व की शांति पर गहरा आघात किया है। स्थानीय बुजुर्ग रामेश्वर प्रसाद कहते हैं कि छठी मइया सबकी साझी हैं। राजनीति घाट पर नहीं आनी चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और छठ घाटों पर राजनीतिक प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए।





