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बौद्ध सर्किट ट्रेन का राजगीर में हुआ भव्य स्वागत, डेढ़ घंटा विलंब से आगाज

Buddhist circuit train received a grand welcome in Rajgir, started with a delay of one and a half hour

राजगीर (नालंदा दर्पण)। बौद्ध सर्किट फास्ट पैसेंजर ट्रेन का गयाजी में उद्घाटन के बाद राजगीर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। स्टेशन पर मौजूद हजारों लोगों की भीड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जयकारों से माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। इस ऐतिहासिक अवसर पर ट्रेन को देखने और इसमें सफर करने के लिए उत्साहित लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।

यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से डेढ़ घंटे विलंब के साथ राजगीर पहुंची। निर्धारित समय के अनुसार ट्रेन को दोपहर 1:05 बजे राजगीर पहुंचना था। लेकिन यह दोपहर 2:35 बजे स्टेशन पर पहुंची। इसके बाद यह ट्रेन 2:40 बजे राजगीर से नालंदा, बिहारशरीफ, बख्तियारपुर, फतुहा, राजेंद्र नगर टर्मिनल, पटना, पाटलिपुत्र, सोनपुर और हाजीपुर होते हुए वैशाली के लिए रवाना हुई।

राजगीर केवल बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए ही नहीं, बल्कि सभी धर्मों के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है। यह न केवल बौद्ध सर्किट का हिस्सा है, बल्कि जैन सर्किट और सूफी सर्किट का भी केंद्र है। यह ट्रेन बौद्ध तीर्थस्थलों को जोड़ने के साथ-साथ क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस अवसर पर सांसद कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि बौद्ध सर्किट फास्ट पैसेंजर ट्रेन राजगीर और नालंदा के लिए एक ऐतिहासिक सौगात है। यह स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

वहीं विधायक कौशल किशोर ने इस ट्रेन को पर्यटन और बौद्ध सर्किट के विकास के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन बौद्ध तीर्थस्थलों को आपस में जोड़ेगी और पर्यटकों को एक सुगम यात्रा अनुभव प्रदान करेगी। यह क्षेत्र के आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

इस भव्य स्वागत समारोह में रेलवे के मंडल सामग्री प्रबंधक सुधीर कुमार, मंडल वाणिज्य प्रबंधक अभिषेक कुमार, राजगीर के रेलवे सुपरीटेंडेंट चंद्रभूषण सिन्हा सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

बता दें कि बौद्ध सर्किट ट्रेन का उद्देश्य बिहार और आसपास के क्षेत्रों में बौद्ध तीर्थस्थलों को जोड़ना है। यह ट्रेन न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। राजगीर, नालंदा और वैशाली जैसे स्थल विश्वभर के पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। इस ट्रेन के शुरू होने से इन स्थानों की पहुंच और सुगम हो जाएगी।

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