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इस्लामपुर में 16 एकड़ से अधिक गैरमजरुआ जमीन पर चलेगा बुलडोजर, 19 तक दर्ज कराएं आपत्ति

Bulldozers to be used on over 16 acres of non-cultivable land in Islampur; objections can be filed by the 19th.

इस्लामपुर (नालंदा दर्पण संवाददाता)। बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस्लामपुर नगर परिषद क्षेत्र में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए बड़ी मात्रा में भूमि अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी हैं। इसके तहत कुल 16 एकड़ 53 डिसमिल गैरमजरुआ मालिक (परती कदीम) भूमि को चिह्नित किया गया हैं, जिस पर जल्द ही सीमांकन और निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना हैं।

अंचल अधिकारी किशोरी चौधरी ने ‘नालंदा दर्पण’ को बताया कि विभाग के निर्देश पर इस्लामपुर अंचल कार्यालय ने संबंधित भूमि के खाता संख्या 621 में आने वाले दो खेसरा प्लॉटों को अधिग्रहण के लिए चुना गया हैं। जिसमें खेसरा संख्या 13 एवं रकवा 12 एकड़ 52 डिसमिल और खेसरा संख्या 569  एवं रकवा 4 एकड़ 01 डिसमिल शामिल हैं।

कुल मिलाकर 16 एकड़ 53 डिसमिल सरकारी परती जमीन को विभिन्न आवासीय एवं विकास परियोजनाओं के लिए उपयोग में लाया जाएगा।

सीओ ने बताया कि पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी संभावित दावेदार को मौका देने के लिए नगर परिषद क्षेत्र के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और संबंधित जमीन के आसपास बड़े-बड़े नोटिस चिपकाए गए हैं। नोटिस में स्पष्ट लिखा गया हैं कि यदि किसी व्यक्ति या संस्था को इस भूमि पर कोई आपत्ति या दावा हैं तो वह 19 दिसंबर 2025 तक इस्लामपुर अंचल कार्यालय में लिखित रूप से अपना पक्ष रख सकता हैं।

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि निर्धारित तिथि तक कोई लिखित आपत्ति प्राप्त नहीं हुई तो यह मान लिया जाएगा कि इस जमीन पर किसी का कोई वैध दावा नहीं हैं। इसके बाद भूमि का सीमांकन कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। अगर इसके बाद कोई व्यक्ति या समूह रास्ते में बाधा उत्पन्न करने की कोशिश करता हैं तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों में इस अधिग्रहण को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे शहर के विकास के लिए जरूरी बता रहे हैं तो कुछ पुराने दावेदार चिंतित हैं कि कहीं उनकी अनदेखी न हो जाए। यदि आपको या आपके जानने वालों को इस जमीन से कोई सरोकार हैं तो समय रहते अंचल कार्यालय पहुंचकर अपना दावा दर्ज कराना बेहतर होगा, वरना कानूनी रूप से यह जमीन पूरी तरह सरकार की हो जाएगी।

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