चंडी मुख्य पार्षद ने कार्यपालक पदाधिकारी के कार्यालय में ताला जड़ा

इस घटना ने चंडी नगर पंचायत में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी को उजागर किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं नगर पंचायत के विकास कार्यों को प्रभावित कर सकती हैं। आगे क्या कार्यपालक पदाधिकारी अपने आश्वासन पर खरा उतरेंगी और क्या प्रशासन इस मामले में कोई ठोस कदम उठाएगा…

चंडी (नालंदा दर्पण)। चंडी नगर पंचायत कार्यालय में उस समय हंगामा मच गया, जब मुख्य पार्षद मनोज कुमार के नेतृत्व में वार्ड पार्षदों ने कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) डॉ. अनूपा कुमारी पर तानाशाही और अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाते हुए कार्यालय में ताला जड़ दिया। इसके साथ ही पार्षदों ने अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत कर दी, जिसकी अध्यक्षता वार्ड पार्षद अध्यक्ष शत्रुधन कुमार ने की। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और नगर पंचायत के बीच तनाव को उजागर कर दिया।

मुख्य पार्षद मनोज कुमार ने बताया कि डॉ. अनूपा कुमारी ने 17 सितंबर को कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला था। तभी से उनके व्यवहार को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा था। पार्षदों का आरोप है कि डॉ. कुमारी न केवल कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ अपमानजनक व्यवहार करती हैं, बल्कि कार्यालय में अनुशासन का भी अभाव है।

मनोज कुमार ने एक विशेष घटना का जिक्र करते हुए बताया कि बीते गुरुवार को बुलाई गई बैठक के लिए जब वह और अन्य पार्षद कार्यालय पहुंचे तो उनके लिए बैठने की कुर्सी तक उपलब्ध नहीं कराई गई।

उन्होंने कहा कियह केवल मेरे साथ नहीं, बल्कि उप मुख्य पार्षद के साथ भी हो चुका है। हमें अपमानित होकर वापस लौटना पड़ा। डॉ. कुमारी न तो समय पर कार्यालय आती हैं और न ही समय पर जाती हैं। अधिकांश कार्य वह फोन पर निर्देश देकर करवाती हैं, जिससे कर्मचारियों में अनुशासनहीनता बढ़ रही है।

आक्रोशित पार्षदों ने कार्यपालक पदाधिकारी के व्यवहार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कार्यालय में ताला जड़ दिया और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। धरने की अध्यक्षता कर रहे शत्रुधन कुमार ने कहा कि हम जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं। हमारा अपमान जनता का अपमान है। कार्यपालक पदाधिकारी का रवैया अस्वीकार्य है।

इस धरने में वार्ड पार्षद नीलम सिन्हा, निभा कुमारी, ललन केवट, राकेश रौशन, पूजा कुमारी, लक्ष्मी देवी, कंचन कुमारी, सरिता देवी और श्रद्धा देवी समेत कई अन्य शामिल रहे।

धरने और तालाबंदी की सूचना मिलने पर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) अमित कुमार पटेल देर शाम मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को सुलझाने की कोशिश की। एसडीओ ने पार्षदों से धरना समाप्त करने और कार्यालय का ताला खोलने की अपील की। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि पार्षदों की शिकायतों को लिखित रूप में लिया जाएगा और मामले की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

प्रारंभ में पार्षद कार्यपालक पदाधिकारी से औपचारिक माफी की मांग पर अड़े रहे। हालांकि एसडीओ की मध्यस्थता में देर शाम दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। डॉ. अनूपा कुमारी ने अपने व्यवहार में सुधार का आश्वासन दिया, जिसके बाद पार्षदों ने तालाबंदी समाप्त कर कार्यालय का ताला खोल दिया। इस दौरान बीडीओ और थानाध्यक्ष भी मौके पर मौजूद रहे।

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