पीएम आवास योजना सर्वे में घूसखोरी की शिकायतें, अबतक 7995 लाभुकों के नाम दर्ज

चंडी (नालंदा दर्पण)। चंडी प्रखंड में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY) के तहत सर्वे का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रखंड के 13 पंचायतों में आवास सहायक और रोजगार सेवक द्वारा यह सर्वे किया जा रहा है। जिसमें अब तक 7995 लोगों का नाम जोड़ा जा चुका है। इनमे से 7391 लोगों का नाम सर्वेयरों द्वारा लाया गया है। जबकि 604 लोग खुद से इस योजना का लाभ पाने के लिए दावा कर चुके हैं।

हालांकि, सर्वे के दौरान रिश्वतखोरी की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ सर्वेयर आवास योजना के लिए नाम दर्ज करने के बदले में रिश्वत मांग रहे हैं। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह सर्वे पूरी तरह से निःशुल्क है और यदि कोई व्यक्ति सर्वे के नाम पर पैसे मांगता है तो लाभुक तुरंत इसकी शिकायत प्रखंड कार्यालय में कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयनित लाभुकों को 1.20 लाख रुपये की धनराशि आवास निर्माण के लिए दी जाएगी। साथ ही मनरेगा के तहत 16,000 रुपये की मजदूरी का भी प्रावधान है। इस योजना में विशेष रूप से एससी-एसटी वर्ग के आवास विहीन परिवारों को प्राथमिकता दी जा रही है। जिन लोगों के पास पक्का मकान नहीं है, उन्हें इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा।

फिलहाल 13 पंचायतों में किए जा रहे इस सर्वे में सबसे कम बढ़ौना, अमरौरा और माधोपुर पंचायतों में लाभुकों का सर्वे हुआ है। बढ़ौना पंचायत में अब तक 309 लाभुकों का सर्वे हुआ है। अमरौरा में 360 और माधोपुर में 416 लाभुकों का नाम दर्ज हुआ है। दूसरी ओर महकार पंचायत में सबसे ज्यादा 966 लाभुकों का सर्वे हुआ है। इसके बाद रूखाई में 957 और गंगौरा में 953 लोगों का नाम शामिल हुआ है।

हालांकि, इस सर्वे को लेकर गंभीर आरोप भी लगे हैं। कुछ लाभुकों का कहना है कि सर्वेयरों द्वारा उनके नाम जोड़ने के बदले में रिश्वत मांगी जा रही है। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने इस पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है और लोगों से अपील की है कि अगर किसी भी तरह की अवैध मांग की जाती है तो वे तुरंत इसकी सूचना प्रखंड कार्यालय में दें। पीएम आवास योजना 2.0 के अंतर्गत पात्र लाभुकों को प्राथमिकता के आधार पर आवास मिलेगा।

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