सुधार और अपडेट नीति
Corrections & Updates Policy – सुधार और अपडेट नीति – नालंदा दर्पण (nalandadarpan.com)
यह सुधार और अपडेट नीति नालंदा दर्पण का लक्ष्य पाठकों तक सटीक, संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। फिर भी समाचार की तेज़ रफ़्तार, मानवीय भूल या सीमित जानकारी के कारण कभी-कभी खबरों/लेखों में त्रुटि, अधूरापन या संदर्भ की कमी रह सकती है।
इस Corrections & Updates Policy का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि:
- हम गलतियों और अधूरी जानकारी की पहचान कैसे करते हैं,
- उन्हें सुधारने (Correction) और अपडेट करने (Update) की प्रक्रिया क्या है,
- और इस पूरी प्रक्रिया में पाठकों की क्या भूमिका है।
1. हमारी मूल प्रतिबद्धता (Our Core Commitment)
- नालंदा दर्पण मानता है कि ईमानदार और पारदर्शी सुधार किसी भी ज़िम्मेदार मीडिया संगठन की पहचान है।
- यदि किसी रिपोर्ट, लेख, फोटो कैप्शन, हेडलाइन, ग्राफिक या वीडियो में तथ्यात्मक गलती या भ्रामक प्रस्तुति पाई जाती है, तो हम उसे निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सुधारने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
- हमारा उद्देश्य गलती को छुपाना नहीं, बल्कि उसे स्वीकार करते हुए सही जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है।
2. Correction, Update और Clarification में फर्क
हम इन तीन शब्दों का उपयोग अलग-अलग अर्थ में करते हैं:
- Correction (सुधार):
- जब किसी सामग्री में स्पष्ट तथ्यात्मक गलती हो, जैसे:
- गलत नाम, उम्र, तारीख, स्थान
- आँकड़ों में गलती
- किसी बयान/घटना की गलत रिपोर्टिंग
- ऐसी स्थिति में, हम तथ्य को सही करते हैं और यह स्पष्ट करते हैं कि यह एक Correction है।
- Update (अद्यतन):
- जब मूल खबर/लेख सही हो, लेकिन समय के साथ उसमें नई जानकारी, अतिरिक्त संदर्भ, आधिकारिक प्रतिक्रिया या आगे की प्रगति जुड़ती है।
- इस स्थिति में, हम उसी लेख को अपडेट करके नई जानकारी जोड़ सकते हैं और यह बता सकते हैं कि सामग्री अपडेट की गई है।
- Clarification (स्पष्टीकरण):
- जब मूल लेख में उपयोग की गई भाषा या प्रस्तुति से गलतफहमी की संभावना बन रही हो, भले ही तथ्य सीधे तौर पर गलत न हों।
- ऐसे में, हम स्पष्टीकरण देकर यह स्पष्ट कर सकते हैं कि वास्तविक आशय क्या था।
3. गलती की पहचान कैसे होती है?
गलतियाँ या आवश्यक अपडेट निम्न स्रोतों से सामने आ सकते हैं:
- आंतरिक जाँच:
- संपादक, रिपोर्टर या टीम के अन्य सदस्य स्वयं किसी त्रुटि या कमी को पहचान लेते हैं।
- पाठकों की प्रतिक्रिया:
- ईमेल, संपर्क फ़ॉर्म, सोशल मीडिया या कमेंट के माध्यम से पाठक किसी गलती, अधूरी जानकारी या भ्रामक बात की ओर ध्यान आकर्षित करते हैं।
- संबंधित पक्षों/संस्थाओं की शिकायत या प्रतिक्रिया:
- किसी खबर में उल्लेखित व्यक्ति, संस्था, सरकारी विभाग या संगठन हमें तथ्यात्मक गलती या गलत प्रस्तुति के बारे में सूचित करता है। हम हर विश्वसनीय सूचना या शिकायत को गंभीरता से लेते हैं और उसे जाँचने की प्रक्रिया शुरू करते हैं।
4. Correction / Update की प्रक्रिया
- प्रारंभिक समीक्षा:
- शिकायत या सूचना मिलने के बाद, संपादकीय टीम संबंधित लेख/खबर की पुनः जाँच करती है।
- हम उपलब्ध सबूत, दस्तावेज़, आधिकारिक रिकॉर्ड, रिकॉर्डिंग और रिपोर्टर की नोट्स की समीक्षा करते हैं।
- तथ्य–जांच (Re–verification):
- जहाँ ज़रूरी हो, संबंधित पक्षों से दोबारा संपर्क किया जाता है।
- आधिकारिक स्रोतों, दस्तावेज़ों और विश्वसनीय रिपोर्टों को पुनः देखा जाता है।
- निर्णय:
- जाँच के बाद तय किया जाता है कि:
- तथ्यात्मक गलती हुई है (Correction आवश्यक),
- नई/अतिरिक्त जानकारी जुड़ गई है (Update आवश्यक),
- या भाषा/प्रस्तुति से भ्रम की स्थिति बनी है (Clarification आवश्यक)।
- सुधार/अपडेट प्रकाशित करना:
- अगर गलती है, तो उसे जितनी जल्दी संभव हो सके सुधारा जाता है।
- अपडेट या स्पष्टीकरण की स्थिति में, लेख में आवश्यक परिवर्तन/संवर्धन किया जाता है।
5. Correction / Update को कैसे दिखाया जाता है?
हम कोशिश करते हैं कि सुधार और अपडेट पारदर्शी तरीके से दिखाई दें:
- टेक्स्ट में संशोधन:
- संबंधित तथ्य, आँकड़े या जानकारी को सही किया जाता है।
- नोट / टैग जोड़ना:
- लेख के अंत या शुरुआत में, जहाँ उचित हो, छोटा नोट जोड़ा जा सकता है, जैसे:
- “इस लेख में फलाँ तारीख को तथ्यात्मक गलती सुधारने के लिए संशोधन किया गया है। पहले इसमें गलत रूप से लिखा गया था, जिसे अब ठीक कर दिया गया है।”
- “इस खबर को [तारीख/समय] पर नई जानकारी के साथ अपडेट किया गया है।”
- बड़ी/महत्वपूर्ण गलती की स्थिति में:
- यदि कोई गलती बहुत गंभीर हो या उसके प्रभाव व्यापक हों, तो उसके लिए अलग से सुधार/स्पष्टीकरण की अलग नोट या लेख भी प्रकाशित किया जा सकता है, ताकि पाठकों तक स्पष्ट संदेश पहुँचे।
6. सोशल मीडिया पर सुधार
यदि कोई खबर, जिसमें गलती पाई गई, पहले से Facebook, X (Twitter), Instagram, YouTube या अन्य सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर शेयर की जा चुकी हो तो जहाँ संभव हो, हम:
- उसी पोस्ट के कॉमेंट या रिप्लाई में यह स्पष्ट कर सकते हैं कि सुधार/अपडेट किया गया है।
- या नई पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी दे सकते हैं कि पुराने कंटेंट में Correction/Update जोड़ा गया है और उसका लिंक साझा कर सकते हैं।
इसका उद्देश्य यह है कि जिस दर्शक समूह ने पुराना/गलत संस्करण देखा था, उन्हें सुधार की जानकारी भी मिल सके।
7. क्या हम सामग्री को हटाते भी हैं?
आम तौर पर हम सिर्फ गलती छुपाने के लिए कंटेंट को डिलीट नहीं करते; बल्कि उसे सुधारना और अपडेट करना पसंद करते हैं।
हालाँकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में:
- गंभीर कानूनी समस्या,
- स्पष्ट मानहानि,
- न्यायालय के आदेश,
- या किसी व्यक्ति/समुदाय की सुरक्षा, गोपनीयता या जीवन पर खतरे की आशंका की स्थिति में हम:
- किसी खबर/लेख को आंशिक या पूर्ण रूप से हटाने,
- या उसकी सार्वजनिक उपलब्धता को सीमित करने का निर्णय ले सकते हैं।
ऐसे मामलों में भी, जहाँ संभव हो, आंतरिक रिकॉर्ड के रूप में मूल सामग्री और सुधार की प्रक्रिया को सुरक्षित रखा जाता है।
8. पाठक कैसे शिकायत या सुधार की मांग कर सकते हैं?
यदि आपको लगता है कि नालंदा दर्पण पर प्रकाशित किसी सामग्री में:
- तथ्यात्मक गलती,
- अधूरी या भ्रामक जानकारी,
- गलत संदर्भ,
- या अनुचित प्रस्तुति है तो आप हमें यह जानकारी दे सकते हैं।
कृपया ईमेल में यह विवरण ज़रूर दें:
- संबंधित लेख/खबर/वीडियो का शीर्षक और लिंक (URL)
- वह लाइन/पैराग्राफ जहाँ आपको गलती लग रही है
- आपका दृष्टिकोण-
- क्या गलत है?
- सही जानकारी क्या होनी चाहिए?
- यदि संभव हो, तो स्रोत/प्रमाण (जैसे डॉक्यूमेंट, आधिकारिक लिंक, रिपोर्ट, फोटो आदि)
संपर्क विवरण (Correction/Update के लिए):
- ईमेल: nalandadarpan.com@gmail.com
- Subject में लिखें:
Correction Request – [संक्षिप्त विषय]
हम आपकी शिकायत पर:
- यथाशीघ्र संज्ञान लेने,
- तथ्य–जांच करने,
- और उचित होने पर Correction/Update/Clarification करने की कोशिश करेंगे।
कृपया ध्यान दें: हर शिकायत पर सार्वजनिक उत्तर देना या अलग से जवाब भेजना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन हम हर उचित शिकायत पर आंतरिक रूप से अवश्य विचार करने का प्रयास करते हैं।
9. दुर्भावनापूर्ण या निराधार शिकायतें
हम healthy criticism और constructive feedback का स्वागत करते हैं, लेकिन:
- केवल दबाव बनाने, बदनाम करने, निजी दुश्मनी या राजनीतिक/व्यक्तिगत हित के लिए की गई
- दुर्भावनापूर्ण (malicious),
- बार–बार निराधार आरोपों पर आधारित शिकायतें को गंभीरता से नहीं लिया जा सकता। हम ऐसे मामलों में संपादकीय विवेक (editorial discretion) का प्रयोग करते हैं।
10. नीति में बदलाव (Changes to This Policy)
समय-समय पर:
- मीडिया मानक,
- कानून,
- तकनीक,
- और पाठकों की अपेक्षाएँ बदलती रहती हैं।
इसीलिए नालंदा दर्पण अपनी Corrections & Updates Policy में भी आवश्यकतानुसार बदलाव/संशोधन कर सकता है। कोई महत्वपूर्ण बदलाव होने पर यह पेज अपडेट किया जाएगा, और आवश्यकता हो तो अलग से सूचना भी दी जा सकती है।
11. हमसे संपर्क कैसे करें?
यदि इस Corrections & Updates Policy से संबंधित आपके मन में:
- कोई सवाल,
- सुझाव,
- आपत्ति,
- या किसी विशेष Correction/Update से जुड़ा प्रश्न हो तो आप हमसे संपर्क कर सकते हैं:
- ईमेल: nalandadarpan.com@gmail.com
- मोबाइल: 07004868273
नोट: नालंदा दर्पण मानता है कि विश्वसनीय पत्रकारिता सिर्फ़ खबरें प्रकाशित करने से नहीं, बल्कि गलती होने पर ईमानदारी से सुधार करने की क्षमता से साबित होती है। आपकी सजगता और प्रतिक्रिया हमारी जिम्मेदार पत्रकारिता को और मजबूत बनाती है।