संपादकीय नीति

Editorial Policy – संपादकीय नीति : नालंदा दर्पण एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जिसका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, संतुलित और जिम्मेदार पत्रकारिता पहुँचाना है। हमारी संपादकीय नीति (Editorial Policy) वही ढांचा है, जो यह सुनिश्चित करती है कि हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित हर सामग्री समाचार, लेख, रिपोर्ट, विश्लेषण या फीचर तथ्य, नैतिकता और सार्वजनिक हित के मानकों पर खरी उतरे। यह नीति हमारे सभी संपादकों, रिपोर्टरों, कंटेंट राइटर्स, फ्रीलांसरों और सहयोगी लेखकों पर समान रूप से लागू होती है।

1. निष्पक्षता और स्वतंत्रता (Impartiality & Independence)

  1. नालंदा दर्पण किसी भी राजनीतिक दल, जातीय समूह, धार्मिक संस्था या कारोबारी हित से संपादकीय रूप से बंधा नहीं है।
  2. हमारी कोशिश रहती है कि हर मुद्दे पर संतुलित (balanced) और निष्पक्ष (unbiased) रिपोर्टिंग की जाए।
  3. किसी भी खबर के संदर्भ में, जहाँ संभव हो, सभी संबंधित पक्षों का दृष्टिकोण प्रकाशित करने का प्रयास किया जाता है।
  4. हमारे पत्रकार और लेखक, रिपोर्टिंग करते समय अपने निजी राजनीतिक, धार्मिक या वैचारिक मत को खबर पर हावी नहीं होने देते।

2. सत्यता और तथ्य–जांच (Accuracy & Fact–Checking)

  1. नालंदा दर्पण पर प्रकाशित खबरें और लेख तथ्यों की पुष्टि (verification) और विश्वसनीय स्रोतों (reliable sources) पर आधारित होते हैं।
  2. किसी भी खबर या जानकारी को प्रकाशित करने से पहले, जहाँ तक संभव हो, हम:
  • प्राथमिक स्रोत (eyewitness, official documents, press releases आदि)
  • आधिकारिक बयान (government/administration/organizations)
  • विश्वसनीय मीडिया और शोध स्रोत
    की जाँच करते हैं।
  1. यदि किसी खबर में अनुमान (assumption) या विश्लेषण (analysis) शामिल हो, तो उसे स्पष्ट रूप से राय (Opinion) या विश्लेषण के रूप में चिन्हित करने की कोशिश की जाती है।
  2. सोशल मीडिया या व्हाट्सएप जैसे माध्यमों से मिली जानकारी को सीधे खबर के रूप में प्रकाशित नहीं किया जाता; पहले उसकी पुष्टि की जाती है।

3. गलती होने पर सुधार (Corrections & Clarifications)

  1. हम मानते हैं कि मानव–त्रुटि (human error) संभव है। यदि किसी भी सामग्री में तथ्यात्मक गलती, संदर्भ की ग़लत प्रस्तुति या महत्वपूर्ण जानकारी की कमी रह जाती है, तो हम उसे सुधारने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
  2. जब भी हमें किसी खबर के संबंध में भरोसेमंद शिकायत या सुझाव मिलता है, हम तथ्य दोबारा जाँचते हैं और आवश्यकता पड़ने पर Correction, Update या Clarification प्रकाशित करते हैं।
  3. बड़े बदलाव या अहम सुधारों की स्थिति में, हम लेख/समाचार के अंत में या शुरुआत में यह स्पष्ट करते हैं कि सामग्री में कब और क्यों परिवर्तन किया गया।
  4. सुधार या शिकायत के लिए पाठक हमें हमारे Contact Us पेज पर दिए गए ईमेलों पर लिख सकते हैं।

4. हिंसा, घृणा और संवेदनशील मुद्दों पर नीति

  1. नालंदा दर्पण किसी भी प्रकार की घृणा फैलाने वाली, सांप्रदायिक, जातीय, लैंगिक, क्षेत्रीय या वर्ग आधारित नफरत को प्रोत्साहित नहीं करता।
  2. ऐसी कोई सामग्री जो किसी समुदाय, धर्म, जाति, लिंग, भाषा या क्षेत्र विशेष के प्रति भेदभाव, अपमान या हिंसा को बढ़ावा दे, उसे प्रकाशित नहीं किया जाता।
  3. अपराध, दुर्घटना, आत्महत्या, यौन हिंसा या संवेदनशील मामलों की रिपोर्टिंग में पीड़ित या उनके परिवार की पहचान को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जाता है और ऐसी भाषा, तस्वीरें या विवरण से बचा जाता है जो अनावश्यक रूप से सनसनी पैदा करें या पीड़ा बढ़ाएँ।
  4. नाबालिगों से जुड़ी खबरों में, भारतीय कानूनों और मीडिया–एथिक्स के अनुरूप गोपनीयता और गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाता है।

5. विज्ञापन, स्पॉन्सर्ड कंटेंट और संपादकीय स्वतंत्रता

  1. नालंदा दर्पण पर विज्ञापन, प्रायोजित लेख (Sponsored Content), ब्रांड प्रमोशन आदि प्रकाशित हो सकते हैं, परंतु ऐसे कंटेंट को जहाँ संभव हो, स्पष्ट रूप से “विज्ञापन”, “स्पॉन्सर्ड”, “पेड प्रमोशन” आदि रूप में पहचाना जाएगा।
  2. विज्ञापनदाताओं और सहयोगी ब्रांडों का नालंदा दर्पण की संपादकीय स्वतंत्रता पर कोई नियंत्रण नहीं होता।
  3. हम किसी भी विज्ञापन या स्पॉन्सर्ड कंटेंट को प्रकाशित नहीं करते जो:
  • कानून–विरुद्ध गतिविधियों को बढ़ावा देता हो,
  • घृणा, हिंसा, अश्लीलता या धोखाधड़ी से जुड़ा हो,
  • या पाठकों को गुमराह करने की संभावना रखता हो।
  1. समाचार–कवरेज किसी विज्ञापनदाता के दबाव में न करके, सार्वजनिक हित और समाचार–मूल्य के आधार पर तय की जाती है।

6. हितों का टकराव (Conflict of Interest)

  1. हमारे पत्रकार, लेखक और संपादक कोशिश करते हैं कि रिपोर्टिंग करते समय व्यक्तिगत हित (personal interest) और व्यावसायिक ज़िम्मेदारी के बीच टकराव न हो।
  2. यदि किसी रिपोर्टर/लेखक का किसी खबर या विषय से व्यक्तिगत/आर्थिक संबंध हो तो जहाँ ज़रूरी हो, संपादकीय स्तर पर इसका ध्यान रखा जाता है और जरूरत पड़े तो ऐसी असाइनमेंट किसी अन्य पत्रकार को दी जा सकती है।
  3. किसी भी तरह के “पेड न्यूज़” या पैसे/उपहार लेकर खबर को प्रभावित करने की प्रथा को नालंदा दर्पण में स्वीकार नहीं किया जाता।

7. स्रोतों की गोपनीयता और सुरक्षा

  1. जो लोग हमें किसी मुद्दे/खबर के बारे में सूचनाएँ देते हैं, उनकी पहचान (यदि वे गोपनीयता चाहते हैं) को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जाता है।
  2. हम स्रोत की पहचान तब तक सार्वजनिक नहीं करते, जब तक कि:
  • वे स्वयं सार्वजनिक होने की अनुमति न दें,
  • या कोई कानूनी बाध्यता (court order आदि) न हो।
  1. फिर भी, हम हर खबर को केवल “अनाम स्रोत” के भरोसे नहीं छोड़ते; जहाँ तक संभव हो, स्वतंत्र रूप से तथ्य जांच करते हैं।

8. भाषा और शालीनता

  1. नालंदा दर्पण पर प्रयुक्त भाषा शालीन, सम्मानजनक और सरल रखने का प्रयास किया जाता है, ताकि आम पाठक आसानी से समझ सकें।
  2. व्यक्तिगत हमले, अपमानजनक संबोधन, आपत्तिजनक शब्दावली, गाली–गलौज या अश्लील शब्दों से यथासंभव बचा जाता है।
  3. पाठकों के कमेंट/प्रतिक्रियाएँ भी यदि किसी व्यक्ति, संस्था या समुदाय के प्रति स्पष्ट रूप से घृणा या हिंसा को बढ़ावा देती हों, तो ऐसी टिप्पणियाँ हटाई जा सकती हैं।

9. राय (Opinion) बनाम खबर (News)

  1. खबर (News) और राय/विश्लेषण (Opinion/Analysis) के बीच अंतर बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है।
  2. Opinion लेख, एडिटोरियल या कॉलम लेखक के व्यक्तिगत विचार हो सकते हैं, जो हमेशा नालंदा दर्पण की आधिकारिक राय न भी हों, परंतु उनके प्रकाशन से पहले भी मूलभूत तथ्यात्मक मानकों का ध्यान रखा जाता है।
  3. खबरों में लेखक की निजी राय को यथासंभव सीमित रखा जाता है; वहाँ प्राथमिकता तथ्य, संदर्भ और संतुलित प्रस्तुति को दी जाती है।

10. डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और सोशल मीडिया पर आचरण

  1. नालंदा दर्पण के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साझा की जाने वाली सामग्री भी इसी संपादकीय नीति के दायरे में रहती है।
  2. सोशल मीडिया पर त्वरित अपडेट देते समय भी हम तथ्यों की पुष्टि और ज़िम्मेदार भाषा का ध्यान रखते हैं।
  3. किसी भी प्लेटफ़ॉर्म पर हमें टैग/मेंशन करके दी गई सूचना को प्रकाशित करने से पहले उसकी जाँच आवश्यक समझी जाती है।

11. पाठकों की भूमिका और सहभागिता

  1. हम मानते हैं कि पाठक ही हमारी सबसे बड़ी ताक़त हैं। आपकी प्रतिक्रिया, सुझाव, आलोचना और शिकायतें हमें बेहतर पत्रकारिता करने के लिए प्रेरित करती हैं।
  2. यदि आपको हमारी किसी भी सामग्री, शैली या नीतियों को लेकर सुझाव देना हो, तो आप हमारे Contact Us पेज पर दिए ईमेल या मोबाइल नंबर पर हमसे संपर्क कर सकते हैं।
  3. हम हर रचनात्मक सुझाव का स्वागत करते हैं और जहाँ संभव हो, उसे अपनी संपादकीय प्रक्रिया में शामिल करने की कोशिश करते हैं।

12. नीति में परिवर्तन

  1. समय-समय पर कानून, तकनीक, मीडिया परिवेश और पाठकों के हितों को देखते हुए नालंदा दर्पण अपनी Editorial Policy में बदलाव या अद्यतन कर सकता है।
  2. यदि इस नीति में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन किया जाता है तो हम वेबसाइट पर इसे अपडेट करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर अलग से सूचना भी प्रकाशित कर सकते हैं।
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