फीचर्ड

  • Mediation campaign in Hilsa is a big success, 23 cases have been settled so far

    हिलसा में मध्यस्थता अभियान को बड़ी सफलता, अबतक 23 मामलों का निपटारा

    हिलसा (नालंदा दर्पण)। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर राष्ट्रव्यापी मध्यस्थता अभियान के तहत हिलसा अनुमंडलीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इस अभियान के माध्यम से हिलसा कोर्ट में अब तक 23 लंबित मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया जा चुका है। इनमें पारिवारिक विवाद, संपत्ति विवाद, उपभोक्ता मामले,…

  • Silav's daughter Priyanka An inspiring journey from playing rugby to becoming a police inspector

    सिलाव की बेटी प्रियंका: रग्बी खेल से दरोगा तक का प्रेरक सफर

    नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार के नालंदा जिले के सिलाव प्रखंड के बिद्दुपुर गांव की प्रियंका कुमारी की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। तमाम सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों को पार कर प्रियंका ने न केवल रग्बी के मैदान में अपनी पहचान बनाई, बल्कि आज वह बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर…

  • Bihar Sharif's heartbeat The unique identity of the British era Victoria Club

    बिहारशरीफ विक्टोरिया क्लब दिलाती है ब्रिटिश युग की याद

    नालंदा दर्पण डेस्क। बिहारशरीफ शहर के हृदय स्थल टिकुलीपर में स्थित विक्टोरिया क्लब आज भी ब्रिटिश युग की यादों को संजोए हुए है, जहां क्लब कल्चर की जीवंत परंपरा न केवल बरकरार है, बल्कि आधुनिकता के साथ घुलमिलकर एक नई ऊर्जा पैदा कर रही है। यह क्लब 120 वर्षों से अधिक…

  • Asia Rugby Sevens Under-20 Championship: Darkness prevailed for 7 minutes during a thrilling match!

    एशिया रग्बी सेवेंस अंडर-20 चैंपियनशिप: रोमांचक मैच के दौरान 7 मिनट तक छाया अंधेरा !

    राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार की ऐतिहासिक नगरी राजगीर इन दिनों खेल की दुनिया में सुर्खियां बटोर रही है, जहां एशिया रग्बी सेवेंस अंडर-20 चैंपियनशिप का आयोजन हो रहा है। लेकिन इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में एक अप्रत्याशित घटना ने सबको चौंका दिया। शनिवार देर शाम को मलयेशिया और उज्बेकिस्तान के…

  • Bihar Sharif Navratna Palace A priceless jewel of cultural heritage

    बिहारशरीफ नवरत्न महल: सांस्कृतिक धरोहर का एक अनमोल गहना

    नालंदा दर्पण डेस्क। बिहारशरीफ के मोगलकुआं में स्थित नवरत्न महल नालंदा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का एक अनमोल रत्न है। करीब ढाई सौ साल पुराना यह भवन 18वीं सदी की स्थापत्य कला का उत्कृष्ट नमूना है, जो अपने समय का एक वातानुकूलित चमत्कार था। मोटी दीवारों और चार मजबूत स्तंभों…

  • Biharsharif Khadi Bhawan From glorious past to struggle for existence

    बिहारशरीफ खादी भवन: गौरवशाली अतीत से अस्तित्व की लड़ाई तक

    नालंदा दर्पण डेस्क। बिहारशरीफ नगर के हृदय में स्थित खादी भवन कभी आत्मनिर्भरता और स्वदेशी की मिसाल हुआ करता था। चार दशक पहले यहाँ लाखों का कारोबार होता था और खादी के परिधानों की सुगंध देश के कोने-कोने तक पहुँचती थी। लेकिन आज यह ऐतिहासिक भवन अपनी साख और अस्तित्व बचाने…

  • 160 years ago Belle Sarai was Biharsharif SDO office building

    160 साल पहले बेले सराय था बिहारशरीफ एसडीओ कार्यालय भवन 

    नालंदा दर्पण डेस्क। बिहारशरीफ नालंदा जिले का एक ऐसा मुख्यालय शहर है, जो न केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का खजाना है, बल्कि प्रशासनिक गौरव का भी प्रतीक है। आज का आधुनिक बिहारशरीफ एसडीओ कार्यालय एक ऐसी कहानी बयाँ करता है, जो 160 साल पहले की है। यह कहानी है वर्ष…

  • This gate is a proud witness of Biharsharif Municipal Corporation for 156 years

    बिहारशरीफ नगर निगम का 156 वर्षों से गौरवमयी साक्षी है यह द्वार

    नालंदा दर्पण डेस्क। नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ एक ऐसा शहर है, जो न केवल जिला की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक है, बल्कि अपने प्रशासनिक ढांचे के माध्यम से विकास की गाथा भी लिखता रहा है। बिहारशरीफ नगर निगम कभी एक छोटी-सी नगरपालिका के रूप में शुरू हुआ था और…

  • Jethiyaan Rajgir Yatra: Golden era from Buddha path to capital of learning

    जेठियन राजगीर यात्राः बुद्ध पथ से विद्या की राजधानी तक का स्वर्णिम युग

    नालंदा दर्पण डेस्क। जेठियन से राजगीर की ओर बढ़ते हुए पहाड़ी रास्तों पर बौद्ध भिक्षुओं के कदमों की गूंज नालंदा की प्राचीन भूमि को जीवंत करती है। यह वही पथ है, जिसे कभी भगवान बुद्ध ने बोधगया से राजगीर जाते समय अपनाया था। हरे-भरे पहाड़, शांत वादियाँ और भिक्षुओं के परंपरागत…

  • Harnaut Rajendra Sahitya Mahavidyalaya: The story of the remains that became a glorious history

    हरनौत राजेन्द्र साहित्य महाविद्यालय: गौरवशाली इतिहास बनी अवशेषों की कहानी

    नालंदा दर्पण डेस्क। नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड क्षेत्र में सेबदह गांव की शांत गलियों में बसा राजेन्द्र साहित्य महाविद्यालय आज भले ही खामोश खड़ा हो, लेकिन इसकी दीवारें एक ऐसी कहानी बयां करती हैं, जो भारत की आजादी की लड़ाई और बिहार की शैक्षणिक विरासत से गहरे तक जुड़ी है।…