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Ganga Water Diversion Project: अब बिहारशरीफ नगर में बहेगी गंगा की धार
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। Ganga Water Diversion Project: नालंदा की ऐतिहासिक धरती जहां कभी प्राचीन विश्वविद्यालय की गूंज थी, आज एक आधुनिक चुनौती जल संकट से जूझ रही है। गर्मियों में सूखे नल, लंबी कतारें और पानी के लिए संघर्ष इस शहर की कहानी बन चुकी थी। लेकिन अब गंगा जल उद्वह…
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अध्यात्म और पर्यटन का अनूठा संगम बना घोड़ाकटोरा गंगा जलाशय
राजगीर (नालंदा दर्पण)। क्या आपने कभी सोचा है कि एक जलाशय न केवल जल संकट का समाधान हो सकता है, बल्कि आध्यात्मिक और पर्यटन का केंद्र भी बन सकता है? नालंदा के घोड़ाकटोरा में गंगा जल उद्वह परियोजना के तहत निर्मित जलाशय ने यह सपना साकार कर दिखाया है। यह जलाशय…
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16 अगस्त से हर घर दस्तक देगी बिहार राजस्व महाअभियान, जानें डिटेल
नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जमीन से जुड़े दस्तावेजों को पारदर्शी और जन-सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। 16 अगस्त से 20 सितंबर 2025 तक चलने वाला राजस्व महाअभियान न केवल भू-अभिलेखों को डिजिटल रूप से अपडेट करेगा, बल्कि आम…
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अजीमाबाद एक्सप्रेस की सुविधा से चहका नालंदा पर्यटन शिक्षा क्षेत्र
राजगीर (नालंदा दर्पण)। भारतीय रेलवे द्वारा अजीमाबाद एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12947/12948) के राजगीर तक विस्तार ने न केवल यात्रियों को सुगम रेल कनेक्टिविटी दी है, बल्कि इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के नक्शे पर और चमकदार बना दिया है। यह ट्रेन नालंदा, नवादा,…
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बौद्ध परंपरा से प्रेरित नालंदा की खान-पान संस्कृति एक स्वादिष्ट यात्रा
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। मगधांचल का नालंदा जिला अपनी प्राचीन सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए विश्वविख्यात है, लेकिन इसका खान-पान भी उतना ही अनूठा और समृद्ध है। बौद्ध परंपरा से गहरे जुड़े इस क्षेत्र की भोजन संस्कृति में सादगी, संयम और पौष्टिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। क्या आपने…
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Heritage: अतिक्रमण की भेंट चढ़ रहा है नालंदा का यह ऐतिहासिक स्थल
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड अंतर्गत बराह गांव में स्थित गढ़पर एक ऐसी ऐतिहासिक धरोहर (Heritage) है, जो अपने गौरवशाली अतीत को समेटे हुए है, लेकिन आज अतिक्रमण और उपेक्षा की मार झेल रही है। ऊंची सीढ़ियां, पीपल वृक्ष के पास स्तूप के अवशेष और पाली भाषा में…
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सिद्धपीठ और बौद्ध इतिहास का अद्भुत संगम स्थल है माघरा
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहारशरीफ नगर से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर बसा माघरा गांव एक ऐसा स्थान है, जहां आध्यात्मिकता और ऐतिहासिकता का अनूठा संगम देखने को मिलता है। स्थानीय लोग इसे प्रायः मघड़ा या माघड़ा के नाम से पुकारते हैं।यह गांव न केवल शीतला माता के सिद्धपीठ के लिए…
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Kalyan Bigha Indoor Shooting Range: फूस की झोपड़ी से अंतर्राष्ट्रीय मुकाम तक
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। Kalyan Bigha Indoor Shooting Range: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पैतृक गाँव कल्याण बिगहा आज न केवल अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है, बल्कि एक ऐसी जगह के रूप में भी उभर रहा है, जहाँ से निशानेबाजी के क्षेत्र में नए सितारे चमक…
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सांची स्तूप से दोगुनी ऊंची वैशाली बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय की जानें खासियतें
नालंदा दर्पण डेस्क। वैशाली वह ऐतिहासिक और पौराणिक भूमि है, जिसने विश्व को पहला गणतंत्र और नारी सशक्तीकरण की प्रेरणा दी। यहां एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी सांस्कृतिक धरोहर को गौरवान्वित किया है। 29 जुलाई 2025 को बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप का भव्य लोकार्पण हुआ, जिसमें विश्व के…
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बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूपः बिहार की सांस्कृतिक धरोहर का नया अध्याय
नालंदा दर्पण डेस्क। क्या आपने कभी सोचा है कि एक ऐसी जगह, जो न केवल ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व रखती हो, बल्कि वैश्विक सांस्कृतिक धरोहर को भी जोड़ती हो, कैसी दिखती होगी? वैशाली, बिहार में 29 जुलाई 2025 को बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप का लोकार्पण होने जा रहा है, जो…









