राजगीर में होगा चौथी फोरलेन सड़क और एक नए आरओबी का निर्माण

राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार के प्रमुख पर्यटन और खेल केंद्र राजगीर में सड़क और यातायात सुविधाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जिला प्रशासन ने शहर में चौथी फोरलेन सड़क और एक नए रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण की योजना को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
वर्तमान में राजगीर में दो फोरलेन सड़कें मौजूद हैं। पहली नेशनल हाईवे-82 और दूसरी स्टेट हाईवे-71 को अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से जोड़ने वाली सड़क। तीसरी फोरलेन सड़क नेशनल हाईवे-82 के रेलवे ओवर ब्रिज से स्टेट हाईवे-71 तक जाएगी। उसके लिए निर्माण राशि पहले ही आवंटित की जा चुकी है और इसका काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
चौथी फोरलेन सड़क की योजना शहर के दक्षिणी हिस्से में बनाए जा रहे बिहार खेल विश्वविद्यालय, राज्य खेल अकादमी, इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
यह सड़क लगभग 10 किलोमीटर लंबी होगी, जो स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से शुरू होकर सीआरपीएफ रोड होते हुए नगर परिषद कार्यालय (वीरायतन) तक जाएगी। इस सड़क का निर्माण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार किया जाएगा। ताकि बड़े खेल आयोजनों के दौरान यातायात सुगम और निर्बाध रहे।
उधर राजगीर-तिलैया रेलखंड पर नेकपुर के पास एक नए रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण भी प्रस्तावित है। यह आरओबी शहर में यातायात को और सुचारु बनाने में मदद करेगा। विशेष रूप से बड़े खेल आयोजनों और पर्यटक सीजन के दौरान यह सुनिश्चित करेगा कि दर्शकों और पर्यटकों को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
सूत्रों के अनुसार राजगीर में हाल के वर्षों में कई बड़े खेल आयोजन हो चुके हैं। पिछले साल एक एशियाई स्तर का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था, और इस साल अगस्त में दो बड़े आयोजन एशिया रग्बी चैंपियनशिप और एशिया पुरुष हॉकी कप आयोजित होने वाले हैं। इन आयोजनों के दौरान दर्शकों की भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात को सुचारु रखने के लिए नई फोरलेन सड़क की भूमिका अहम होगी।
इस फोरलेन सड़क की खासियत यह होगी कि दर्शकों का प्रवेश स्टेट हाईवे-71 से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक की मौजूदा फोरलेन सड़क से होगा। जबकि निकास की व्यवस्था नई फोरलेन सड़क के माध्यम से की जाएगी। इससे भीड़ प्रबंधन और विधि-व्यवस्था को बनाए रखने में आसानी होगी।
जिला प्रशासन ने इस परियोजना के लिए सभी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सड़क की पैमाइश का कार्य पूरा हो चुका है और जिला मजिस्ट्रेट कुन्दन कुमार ने स्थल का निरीक्षण भी किया है। वहीं राजस्व विभाग द्वारा सड़क के लिए आवश्यक जमीन का विवरण और नजरिया नक्शा तैयार किया जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के लिए किसानों से संवाद किया जाएगा। ताकि उन्हें उचित मुआवजा और पुनर्वास की सुविधा मिल सके।
जिला प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना राजगीर के समग्र विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी। जैसे-जैसे निर्माण कार्य शुरू होने की तारीख नजदीक आ रही है, स्थानीय लोग और पर्यटक इस नए बदलाव का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।





