शराब के नशे में धुत होकर हेडमास्टर-टीचर पहुंचे स्कूल, ग्रामीणों ने टांगकर पहुंचाया थाना

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शराबबंदी नीति पर बार-बार सवाल उठ रहे हैं। नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत मध्य विद्यालय गुलनी में सरकारी शिक्षकों की गैर-जिम्मेदाराना हरकतों ने इस बार न सिर्फ कानून का मजाक बनाया है, बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई को भी उजागर किया है।

गांव के लोगों द्वारा वायरल किए गए एक वीडियो में प्रधानाध्यापक नागेंद्र प्रसाद और शिक्षक सुबोध कुमार को शराब के नशे में धुत स्कूल में अजीब हरकतें करते हुए देखा जा रहा है। बच्चों के शोर-शराबे के बाद ग्रामीण स्कूल पहुंचे, जहां दोनों शिक्षकों को नशे की हालत में पाए गए हैं।

ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और शिक्षकों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। वायरल वीडियो में ग्रामीणों द्वारा शिक्षकों को टांगकर ले जाते साफ देखा जा रहा है।

इस घटना ने शराबबंदी कानून के प्रभावी कार्यान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर तब जब ये शिक्षक खुद कानून का उल्लंघन कर रहे थे। वीडियो में ग्रामीणों ने यह भी खुलासा किया कि स्कूल में बच्चों को परोसा जाने वाला चावल सड़ा हुआ था। जबकि नया चावल छिपाकर रखा गया था। जिसे संभवतः बेचने की योजना थी।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उनकी गाड़ी में पहले से ही एक पुलिसकर्मी नशे में धुत पाया गया। जो वीडियो में साफ तौर पर तोतली आवाज में बोलते हुए दिखा। इस स्थिति ने कानून व्यवस्था और सरकारी तंत्र की साख पर भी सवाल खड़े किए हैं।

इस घटना से न केवल शिक्षा विभाग, बल्कि उत्पाद विभाग और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। क्या इन शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी या मामला दबा दिया जाएगा?

ग्रामीणों का कहना है कि इन शिक्षकों को बचाने के लिए उनके परिवार वाले थाना में पैरवी कर रहे हैं। वहीं, शिक्षक संघ के अध्यक्ष से इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है। अब देखना होगा कि कथित सुशासन का प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाती है।

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