बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार के नालंदा जिले में स्वास्थ्य विभाग के डेटा में एक बार फिर बड़ी लापरवाही सामने आई है। एचएमआई पोर्टल (HMI Portal) पर अपलोड किए गए आंकड़ों में कई प्रखंडों में नाबालिग लड़कियों और वृद्ध महिलाओं को गर्भवती बताया गया है। यह विवरण जिले के स्वास्थ्य विभाग के लिए शर्मिंदगी का कारण बन गई है, क्योंकि यह अक्सर चर्चा का विषय बनता रहा है कि विभाग द्वारा अपलोड किए गए डेटा में हमेशा गड़बड़ी होती है।
हाल के आंकड़ों की समीक्षा में यह खुलासा हुआ कि कुछ प्रखंडों में 15 साल से कम उम्र की 337 लड़कियां और 49 साल से ऊपर की 67 महिलाएं गर्भवती दिखाई गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार हिलसा में 108 लड़कियां और 67 महिलाएं गर्भवती बताई गई हैं। जबकि गिरियक, हरनौत, एकंगरसराय जैसे क्षेत्रों से भी नाबालिग गर्भवती लड़कियों के आंकड़े सामने आए हैं। इन आंकड़ों में इस तरह की गड़बड़ी को लेकर अधिकारियों द्वारा गहरी चिंता जताई गई है और इसे विभागीय लापरवाही माना जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीर मानते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। विभाग के अनुसार अगर यह आंकड़े सही हैं, तो इसकी सामाजिक जागरूकता के तहत समीक्षा की जाएगी। सीएस डॉ. जितेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि इस प्रकार के गलत आंकड़े विभाग की बदनामी का कारण बनते हैं और इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड स्तर पर समीक्षा समिति का गठन किया गया है। जिसमें एमओआईसी, बीएचएम, लेखापाल, डेटा ऑपरेटर और बीसीएम शामिल हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता है। क्योंकि कई ग्रामीण क्षेत्रों में अशिक्षा और परंपरागत रीति-रिवाजों के कारण नाबालिगों की शादी हो रही है। जिससे ये आंकड़े सामने आए हैं। विभाग ने इस बात को भी स्वीकार किया है कि अगर यह आंकड़े सच हैं तो समाज में ऐसे मामलों के प्रति जागरूकता फैलाने की जरूरत है। ताकि नाबालिगों के विवाह और उनकी स्वास्थ्य समस्याओं पर नियंत्रण पाया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर सभी प्रखंडों के डेटा की पुनः समीक्षा करने का निर्देश दिया है और चेतावनी दी है कि यदि इस प्रकार की लापरवाही फिर से सामने आई, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।









