राजगीर ब्रह्मकुंड परिसर और इको-टूरिज्म के जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण

राजगीर (नालंदा दर्पण)। राजगीर ब्रह्मकुंड परिसर के जीर्णोद्धार एवं इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजनाओं को अमल में लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिलाधिकारी (डीएम) शशांक शुभंकर ने संबंधित अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण किया और कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों को तेज गति से पूरा किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।

बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान ब्रह्मकुंड परिसर के जीर्णोद्धार की घोषणा की थी। जिसके तहत 50 करोड़ रुपये की लागत से इसका विकास किया जाएगा। डीएम ने बताया कि राजगीर एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल है, जहां देश-विदेश से पर्यटक ऐतिहासिक धरोहरों के दर्शन और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए आते हैं। ब्रह्मकुंड परिसर के उन्नयन से पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

राजगीर वन क्षेत्र में स्थित जेपी उद्यान, वेणुवन, घोड़ा कटोरा और डायनोसोर पार्क के विकास कार्य को लेकर भी डीएम ने निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन परियोजनाओं को शीघ्रता से पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित इस इको-टूरिज्म परियोजना के लिए कुल 38.24 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

डीएम ने कहा कि राजगीर में पर्यटकों की संख्या निरंतर बढ़ रही है, जिससे पर्यटन स्थलों के बुनियादी ढांचे के विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इको-टूरिज्म परियोजनाओं से राजगीर वन क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण किया जा सकेगा और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।

डीएम शशांक शुभंकर ने कहा कि ब्रह्मकुंड परिसर के जीर्णोद्धार और इको-टूरिज्म परियोजनाओं के क्रियान्वयन से राजगीर पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। इससे न केवल पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विकास कार्य तय समयसीमा में पूरे किए जाएं और पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन मिलकर इन परियोजनाओं को सफल बनाने के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रहे हैं।

इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा 10-11 अप्रैल को आयोजित होने वाले राजकीय कुंडलपुर महोत्सव की तैयारियां भी प्रारंभ कर दी गई हैं। डीएम ने कुंडलपुर समिति के सदस्यों और संबंधित विभागीय पदाधिकारियों के साथ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।

इस बैठक में विधि व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, स्टेज निर्माण, उद्घाटन एवं समापन व्यवस्था, पेयजल सुविधा, शौचालय, आमंत्रण पत्र, ड्रॉप गेट, विद्युत व्यवस्था, पार्किंग, प्रचार-प्रसार, स्टॉल निर्माण, हेल्थ कैंप, रथ यात्रा और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। डीएम ने निर्देश दिया कि महोत्सव की सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं। ताकि इसे भव्य और सफल बनाया जा सके।

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