बेन प्रखंड परिसर की घेराबंदी में काट दिए गए हरे-भरे पेड़, BDO-CO अनजान

बेन (नालंदा दर्पण)। एक ओर केंद्र सरकार से लेकर प्रदेश सरकार तक हर वर्ष करोड़ों रुपए पौधारोपण के लिए खर्च कर रही है। एक-एक पौधे लगाने के लिए काफी मेहनत किया जा रहा है, ताकि पर्यावरण को संतुलित करने का काम कर रही है तो दूसरी तरफ पेड़ों की कटाई की जा रही है।Lush green trees were cut down during the fencing of the block office premises the BDO and CO remain unaware 3

बेन प्रखंड सह अंचल परिसर की घेराबंदी में रविवार के दिन सुंदरीकरण के नाम पर हरे-भरे पेड़ों की कटाई कर दी गई और प्रखंड सह अंचल पदाधिकारी को इसकी जानकारी तक नहीं हुई। यदि सुंदरीकरण की जाय तो प्रखंड सह अंचल परिसर में झाड़-झाड़ियों का अंबार लगा है। जिसे नहीं काटा गया।

पेड़ काट रहे गोबिंद नामक व्यक्ति से जब नालंदा दर्पण रिपोर्टर ने पूछा कि भाई किसलिए हरे पेड़ को काट रहे हैं तो उन्होंने बताया कि प्रमुख ने काटने के लिए कहा है। जब हमने कहा कि प्रमुख तो महिला हैं, तब उन्होंने कहा कि उनके पति होंगे, जो अभी इस जगह से गये हैं। कांटे गये पेड़ों में नीम, बेर एवं सिमल के छः पेड़ शामिल है।

अब ब्लॉक परिसर में लगे पेड़ों को किस उद्देश्य से काटा गया और किसने अनुमति दी। किन्तु यह साफ है कि बिना अधिकारियों के अनुमति के और आदेश के कोई भी ब्लॉक सह अंचल परिसर के पेड़ों को नहीं काट सकता।Lush green trees were cut down during the fencing of the block office premises the BDO and CO remain unaware 1

इस संदर्भ में जानकारी के लिए जब अंचलाधिकारी सौरभ कुमार के मोबाइल पर फोन लगाया गया तो रिसिव नहीं करने के कारण पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। शायद रविवार होने के कारण अंचल सह प्रखंड परिसर में कोई कर्मचारी नहीं था। कुल मिलाकर इस मामले में जो भी अधिकारी दोषी हैं, उन पर कार्यवाही होनी चाहिए।

सबसे बड़ा सवाल कि बिना परमिशन के कोई भी पेड़ कैसे काट दिए गए और प्रखंड सह अंचल के अधिकारी ने कुछ नहीं किया। एक ग्रामीण ने बताया कि हरे पेड़ काटने के मामले में ब्लॉक प्रमुख और ब्लॉक के अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।

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