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बिहारशरीफ में CM नीतीश कुमार के खिलाफ महागठबंधन का हंगामा, पुतला दहन

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार की राजनीति में एक बार फिर से हलचल मच गई है और इस बार निशाने पर हैं राज्य के मुख्यमंत्री (CM) नीतीश कुमार। बिहारशरीफ के व्यस्त इलाके अम्बेर चौक पर महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने नीतीश कुमार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। नारेबाजी और हंगामे के बीच प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री का पुतला जलाया और उनके इस्तीफे की मांग को बुलंद किया। यह घटना नीतीश कुमार की हालिया हरकतों और कथित तौर पर राष्ट्रगान के अपमान को लेकर भड़के गुस्से का परिणाम मानी जा रही है। 

प्रदर्शन के दौरान राजद (राष्ट्रीय जनता दल) के प्रदेश प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अब अचेत अवस्था में कार्य कर रहे हैं। उनकी हरकतें न सिर्फ राज्य की जनता के लिए नुकसानदायक हैं। बल्कि लोकतंत्र की मर्यादा को भी ठेस पहुंचा रही हैं।

प्रदेश प्रवक्ता ने नीतीश पर राष्ट्रगान का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया और इसे संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ बताया। उन्होंने आगे कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है। नीतीश कुमार पहले भी कई बार सार्वजनिक मंचों पर ऐसी हरकतें कर चुके हैं, जो उनकी मानसिक अस्वस्थता को दर्शाती हैं। अब वक्त आ गया है कि वह कुर्सी छोड़ दें।

प्रदेश प्रवक्ता ने आगे कहा कि नीतीश कुमार के हालिया व्यवहार ने पूरे बिहार को शर्मिंदा किया है। राष्ट्रगान के प्रति उनकी उदासीनता और अपमानजनक रवैया बर्दाश्त के बाहर है। यह बिहार की अस्मिता पर हमला है। इस प्रदर्शन में महागठबंधन के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। जिन्होंने नीतीश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनकी सरकार को लोकतंत्र विरोधी करार दिया।

पुतला दहन के दौरान अम्बेर चौक पर भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों ने नीतीश इस्तीफा दो और लोकतंत्र की रक्षा करो जैसे नारे लगाए। इस घटना ने बिहार की सियासत में नया मोड़ ला दिया है और विपक्षी दलों को नीतीश सरकार पर हमला करने का एक और मौका दे दिया है।

हालांकि, जदयू (जनता दल यूनाइटेड) की ओर से अभी तक इस प्रदर्शन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन जानकारों का मानना है कि यह घटना आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति को और गर्म कर सकती है। क्या नीतीश कुमार इन आरोपों का जवाब देंगे या यह विवाद और बढ़ेगा, यह देखना बाकी है। फिलहाल बिहारशरीफ का यह प्रदर्शन राज्य की सियासी हलचल का नया अध्याय बन गया है।

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