नालंदा
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Latest Viral Video : सरकारी है तो क्या? बिहारशरीफ सदर अस्पताल में भी पैसा लगेगा !
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहारशरीफ सदर अस्पताल अपने सनसनीखेज कारनामों के लिए हमेशा सुर्खियों में बना रहता है। कभी आशाकर्मी के द्वारा प्रसव के बाद बच्चे को निजी क्लिनिक मे ले जाने का तो कभी गर्भवती महिला के परिजनों से खून के नाम पर अवैध वसूली का तो कभी प्रसव कराने आई…
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सभी सरकारी स्कूलों में 28 मई को होगी विशेष दक्ष परीक्षा
नालंदा दर्पण डेस्क। समूचे नालंदा जिले के प्रारंभिक स्कूलों में आयोजित मिशन दक्ष के तहत पढ़ने वाले बच्चों की विशेष परीक्षा 28 मई को होगी। इस विशेष परीक्षा का आयोजन एक ही पाली में 10:30 बजे से 1:00 तक किया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा तैयारी शुरू कर दी गई है।…
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जी का जंजाल बना स्मार्ट मीटर, 50 हजार उपभोक्ता परेशान, जाने बड़ी वजह
नालंदा दर्पण डेस्क। इन दिनों नालंदा जिले के बिजली उपभोक्ता, जिन्होंने स्मार्ट मीटर लिया है, बुरी तरह परेशान है। पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लाख ढिढोंरे पीट ले कि स्मार्ट मीटर फुल प्रूफ है। कोई दिक्कत नहीं आती है। लेकिन अब उपभोक्ताओं के लिए यह सरदर्द बन चुका है। खबरों के अनुसार जिले…
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जानें नालंदा लोकसभा चुनाव-2024 को लेकर जिला दंडाधिकारी का ताजा आदेश
नालंदा दर्पण डेस्क। भारतीय निर्वाचन आयोग लोक सभा आम निर्वाचन-2024 की घोषणा के समय से ही संहिता पूरे नालन्दा जिले में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गयी है। आयोग द्वारा निर्वाचन के दौरान शांति व्यवस्था बनाये रखने एवं निरोधात्मक कार्रवाई हेतु स्थायी आदेश निर्गत है। इस अवधि में विभिन्न राजनैतिक दलों,…
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जानें नालंदा लोकसभा चुनाव-2024 के दावेदारों को क्या मिले चिन्ह
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा लोकसभा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र-सह-जिलाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में लोकसभा आम निर्वाचन 2024 के मद्देनजर अभ्यार्थियों का चुनाव चिन्ह आवंटन से संबंधित विषय को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस मौके पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने अभ्यर्थियों के प्रतीक चिन्ह से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। 29…
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किसानों के लिए हाथी के दांत बने प्रायः चेकडैम
नालंदा दर्पण डेस्क। समूचे नालंदा जिले में चेकडैम हाथी का दांत बन कर रह गया है। हर साल मनरेगा योजना, सिंचाई विभाग, जल संसाधन विभाग आदि विभागों से पानी विहीन आहर पइन पोखर नदी उड़ाही पर लाखों रुपये खर्च किये जाते हैं। बावजूद पानी के अभाव में नदी, तालाब, पोखर, पइन…
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सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना के मूल उद्देश्य और समस्याएं
“मध्याह्न भोजन योजना भारत सरकार द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन प्रदान करना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों में कुपोषण की समस्या को कम करना और उन्हें प्राथमिक शिक्षा की ओर आकर्षित करना है। योजना…









