शोभा की वस्तु बनी प्रखंड मुख्यालय परिसर में गाड़े गए चापाकल

बेन (रामावतार कुमार)। इन दिनों में बेन प्रखंड मुख्यालय में गाड़ा गया चापाकल शोभा की वस्तु बनकर लोगों को मुंह चिढ़ा रहा है। जिसे देखने वाला कोई नहीं है।

प्रखंड कार्यालय आए लोगों का कहना है कि विभाग के पदाधिकारियों के साथ साथ प्रखंड के पदाधिकारियों की लापरवाही के कारण चापाकल की हालत बद से बदतर है। प्रखंड कार्यालय आए लोगों को प्यास लगने पर इधर-उधर भटकना पड़ता है। आसपास के दुकानों व मकानों में जाकर अपनी प्यास बुझाते हैं।

लोगों ने कहा कि चापाकल लगाने वाले ठीकेदार सिर्फ गाड देना हीं उचित समझते। पानी उगले या नहीं। इससे मतलब नहीं रह जाता है। तभी तो हाल के दिनों में गाड़े गए चापाकल शोभा की वस्तु बनी है। उससे निकलने वाला पानी गंदा उगल रहा है। जिसका उपयोग नहीं हो पा रहा। दूसरी तरफ हैंडल चलाने पर इधर-उधर हो जा रहा है।

अंचल के गार्ड ने बताया कि गाड़ा गया चापाकल स्वच्छ पानी नहीं उगल रहा है। पानी के लिए घोर किल्लत है। इस प्रकार सच कहा जाय तो चापाकल लगाने में लापरवाही बरतने वाले ठीकेदारों पर भी कारवाई होनी चाहिए, ताकि आगे सुधार हो सके।

इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी अकरम नाजफी ने बताया कि पीएचडी से गाड़े गए चापाकल में त्रुटियों को सुधार के लिए विभाग के जेई को बोला गया है।

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