अब बिहार के सभी अनुमंडलों को जोड़ेंगी BSRTC की डीलक्स बसें

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़ने के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) अगले महीने के दूसरे सप्ताह से राज्य के सभी 101 अनुमंडलों को जिला मुख्यालयों से जोड़ने के लिए डीलक्स बसों का परिचालन शुरू करने जा रहा है। इस पहल के तहत 109 जोनों में बंटे छह प्रमुख शहरों- पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर और गया से कुल 166 डीजल बसें संचालित की जाएंगी। ये बसें न केवल जिला मुख्यालयों को पंचायतों से जोड़ेंगी, बल्कि पड़ोसी राज्यों झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के लिए भी कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी।
ये सभी बसें नॉन-एसी और डीजल से संचालित होंगी। जिनमें 40 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रत्येक बस में सीसीटीवी कैमरा, पैनिक बटन और जीपीएस ट्रैकर जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बीएसआरटीसी की योजना भविष्य में प्रखंड स्तर तक बस सेवाओं का विस्तार करने की भी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन और आसान हो सके।
सबसे अधिक 32 बसें राजधानी पटना से विभिन्न अनुमंडलों और अन्य राज्यों के लिए रवाना होंगी। इनमें पटना से रक्सौल, नरकटियागंज, जयनगर, गोपालगंज, दरभंगा, रांची, गुमला, नवादा, राजगीर, आरा-रांची, आरा-धनबाद, आरा-वाराणसी, बिहारशरीफ-रांची, बिहारशरीफ-बोकारो, पटना-हावड़ा और पटना-वाल्मीकिनगर-भैंसालोटन जैसे मार्ग शामिल हैं। अन्य जिलों पूर्णिया- 25 बसें, भागलपुर- 24 बसें, दरभंगा- 24 बसें, मुजफ्फरपुर- 30 बसें, गया- 31 में बसों का वितरण किया गया है। ये बसें अलग-अलग समय पर चलेंगी और सभी जिलों को आपस में जोड़ने के साथ-साथ राजधानी पटना से भी कनेक्ट करेंगी।
इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे पड़ोसी राज्यों के लिए बस सेवाओं का विस्तार है। खास तौर पर पटना, दरभंगा और गया के अनुमंडलों से इन राज्यों के प्रमुख शहरों के लिए बसें संचालित की जाएंगी। जिससे व्यापार, पर्यटन और व्यक्तिगत यात्रा को बढ़ावा मिलेगा।
बीएसआरटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य बिहार के हर कोने को सुलभ और किफायती परिवहन सुविधा प्रदान करना है। आने वाले वर्षों में प्रखंड स्तर तक बस सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ और अधिक आधुनिक सुविधाओं को शामिल करने की योजना है। इस पहल से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि लोगों का जीवन स्तर भी सुधरेगा।







