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अब ग्राम पंचायतों में शुरू होगी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की सुविधा

इस नई व्यवस्था से न केवल ग्रामीणों को सहूलियत होगी, बल्कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी। ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और हर स्तर पर डेटा का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा...

हिलसा (नालंदा दर्पण संवाददाता)। बिहार सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक सेवाओं को और सुलभ बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। अब राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की सुविधा उपलब्ध होगी। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सभी पंचायत सचिवों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रणाली के तहत यूजर आईडी प्रदान की जा रही है। यह निर्णय ग्रामीणों को सहूलियत देने और प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से लिया गया है।

अभी तक जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की सुविधा केवल अंचल कार्यालयों तक ही सीमित थी। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपने प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लंबी दूरी तय कर अंचल कार्यालयों तक जाना पड़ता था। कई बार कागजी कार्रवाई और प्रक्रिया में देरी के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने यह व्यवस्था ग्राम पंचायत स्तर तक विस्तारित करने का निर्णय लिया है।

अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय ने इस संबंध में स्पष्ट आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, सभी पंचायत सचिवों को जल्द से जल्द ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रणाली के तहत यूजर आईडी प्रदान की जाएगी। इससे पंचायत सचिव अपने स्तर पर ही जन्म और मृत्यु का पंजीकरण कर सकेंगे। योजना एवं विकास विभाग के निदेशक-सह-मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) डॉ. विद्या नंद सिंह ने 19 मई को पंचायती राज विभाग के निदेशक को एक पत्र लिखकर इस प्रक्रिया को शीघ्र लागू करने का निर्देश दिया है।

डॉ. सिंह ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि प्रत्येक पंचायत सचिव को विहित प्रपत्र के अनुसार आवश्यक विवरणी भरकर हार्डकॉपी उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, प्रत्येक पंचायत से संबंधित गांवों की सूची और उनके कोड भी शीघ्र जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि सभी ग्राम पंचायतें डिजिटल पंजीकरण प्रणाली से जुड़ सकें और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए।

इस नई व्यवस्था से न केवल ग्रामीणों को सहूलियत होगी, बल्कि जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी। ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और हर स्तर पर डेटा का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। इससे न केवल प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि गलतियों और अनियमितताओं की संभावना भी कम होगी।

इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सभी जिलाधिकारियों (डीएम) और जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-अपर जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजी गई है। डीएम और जिला पंचायती राज पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पंचायत सचिवों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक विवरण शीघ्र उपलब्ध कराएं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर यह व्यवस्था सभी ग्राम पंचायतों में लागू हो सके।

उम्मीद की जा रही है कि अगले माह से सभी ग्राम पंचायतों में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी। इस नई व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों को लाभ होगा, और उन्हें अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त करने के लिए अब लंबी प्रक्रिया और अनावश्यक परेशानियों से नहीं गुजरना पड़ेगा।

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