चंडी के कचरा की जमीन को औद्योगिक क्षेत्र बनाने की तैयारी

चंडी में प्रस्तावित 250 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि बिहार के औद्योगिक और सामाजिक विकास की एक नई शुरुआत है। इससे न केवल रोजगार में वृद्धि होगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी

चंडी (नालंदा दर्पण)। चंडी प्रखंड में औद्योगिक विकास का सपना साकार होने वाला है। यहां करीब 250 एकड़ जमीन पर नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना बनाई गई है। बियाडा (बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण) के जरिए इस इलाके में अलग-अलग सेक्टर के उद्योग लगाए जाएंगे। जिससे रोजगार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

इस परियोजना के लिए चंडी के कचरा मौजा में जमीन चिन्हित की गई है। इस क्षेत्र में प्रस्तावित 250 एकड़ जमीन में 10 एकड़ सरकारी है और बाकी निजी स्वामित्व वाली है। जमीन के खाता, खेसरा और नक्शे तैयार कर भू-अर्जन कार्यालय को भेजे जा चुके हैं। जैसे ही सरकारी आदेश आएगा, जमीन बिहार सरकार के नाम स्थानांतरित कर दी जाएगी। इसके बाद निजी जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

चिह्नित जमीन राजगीर-करौटा पथ के पास स्थित है, जो इसे निवेशकों के लिए खास बनाती है। अच्छी कनेक्टिविटी और परिवहन सुविधाओं के कारण यह क्षेत्र उद्योगों के लिए आदर्श साबित होगा।

जमीन अधिग्रहण के दौरान किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजा प्रक्रिया पूरी होने के बाद जमीन पर आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इनमें सड़कों का निर्माण, जलापूर्ति, बिजली आपूर्ति और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इन तैयारियों से निवेशकों को उद्योग स्थापित करने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।

इस औद्योगिक परियोजना से चंडी और इसके आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। स्थानीय लोगों को न केवल बड़े उद्योगों में काम करने का मौका मिलेगा, बल्कि छोटे व्यापार और व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे पूरे इलाके का आर्थिक परिदृश्य बदल जाएगा।

चंडी में औद्योगिक गलियारे के विकास से यह स्थान निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक बन जाएगा। राज्य में औद्योगिक हब बनने के इस कदम से बिहार के उद्योग जगत को नई दिशा मिलेगी।

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