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बिहार का चौथा सबसे ठंडा शहर बना राजगीर, शीतलहर से बढ़ी ठिठुरन

राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार के विभिन्न हिस्सों में ठंड का कहर जारी है। प्रदेश में जहां दिन का तापमान बढ़ने के बजाय और गिरावट दर्ज की जा रही है। रात तक तापमान लगातार न्यूनतम स्तर पर पहुंच रहा है। नालंदा का ऐतिहासिक शहर राजगीर इस बार प्रदेश का चौथा सबसे ठंडा शहर बनकर उभरा है। अब तक राजगीर का न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

बिहार में समस्तीपुर जिले के पूसा का तापमान सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 5.1 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। इसके बाद जमुई में 5.3, बांका में 5.6 और गया में 6.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। इन जिलों में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

राजगीर समेत अन्य शहरों में कड़ाके की ठंड के कारण लोगों को सुबह और रात के समय घर से बाहर निकलने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने आम नागरिकों से ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की अपील की है।

मौसम विभाग ने आगामी कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की उम्मीद कम जताई है। आगे भी तापमान में गिरावट जारी रहने की संभावना है। ठंडी हवाओं के कारण शीतलहर का प्रकोप और बढ़ सकता है।

राजगीर का यह तापमान न केवल सैलानियों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी बड़ी चुनौती पेश कर रहा है। ठंड के इस दौर में प्रशासन ने अलाव और राहत कैंपों की व्यवस्था पर जोर दिया है।

Mukesh Bhartiy

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

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