राजगीर (नालंदा दर्पण)। राजगीर स्थित आयुध निर्माणी नालंदा में हुई एक हिंसक घटना ने पूरे परिसर को दहला दिया। भोजनावकाश के दौरान एडमिन ब्लॉक गेट के पास हुए विवाद ने अचानक उग्र रूप ले लिया, जब टीएमसी-4 यूनिट के कर्मचारी दिवाकर कुमार यादव पर कथित रूप से धारदार हथियार से हमला कर दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मामूली कहासुनी के बाद स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आरोपी कर्मचारी ने सीधे गर्दन पर वार कर दिया, जिससे दिवाकर गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़े।
घटना के तुरंत बाद सहकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए घायल को फैक्ट्री अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत नाजुक देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए बिहारशरीफ के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जिससे कर्मचारियों के बीच भय और आक्रोश का माहौल व्याप्त है।
इस हमले के बाद फैक्ट्री परिसर में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। आक्रोशित कर्मचारियों ने प्रशासनिक भवन के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, निलंबन तथा कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे।
कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि आरोपी का व्यवहार पहले से ही विवादित रहा है और वह पूर्व में भी कई बार मारपीट की घटनाओं में शामिल रहा है, लेकिन प्रबंधन ने कभी गंभीरता से कार्रवाई नहीं की। इससे उसका मनोबल बढ़ता गया और अंततः यह घटना सामने आई।
यह मामला केवल एक आपसी विवाद तक सीमित नहीं दिखता, बल्कि यह संस्थान के भीतर की प्रशासनिक कमजोरियों और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। एक संवेदनशील रक्षा उत्पादन इकाई में इस तरह की हिंसक घटना होना न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आंतरिक अनुशासन और निगरानी तंत्र में कहीं न कहीं बड़ी चूक है।
वहीं, पुलिस प्रशासन ने घटना की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष द्वारा औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, जिससे कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया धीमी है। अधिकारियों का कहना है कि लिखित शिकायत मिलते ही आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह घटना सिर्फ एक व्यक्तिगत विवाद का परिणाम है, या फिर यह लंबे समय से पनप रही अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं भविष्य में और गंभीर रूप ले सकती हैं। स्रोतः मीडिया रिपोर्टस्/नालंदा दर्पण



