Home अपराध राजगीर प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, 5 आरोपी गिरफ्तार

राजगीर प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, 5 आरोपी गिरफ्तार

Sensational disclosure of Rajgir property dealer murder case, 5 accused arrested
Sensational disclosure of Rajgir property dealer murder case, 5 accused arrested

राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार के नालंदा जिले के राजगीर में हुए बहुचर्चित प्रॉपर्टी डीलर नीरज कुमार हत्याकांड ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी। अब इस मामले में नालंदा पुलिस ने अपनी त्वरित कार्रवाई और जांच के दम पर महज 48 घंटों में सनसनीखेज खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस सफलता की जानकारी नालंदा  पुलिस अधीक्षक (एसपी) भारत सोनी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर दी।

एसपी भारत सोनी ने बताया कि 18 मार्च, 2025 को राजगीर थाना क्षेत्र के नई पोखर मोहल्ले के पास एक कुएं से प्रॉपर्टी डीलर नीरज कुमार उर्फ मुन्नू (34 वर्ष) का शव बरामद हुआ था। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया था कि नीरज की हत्या की गई थी। मृतक के परिजनों की शिकायत पर राजगीर थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की गई।

इस हाई-प्रोफाइल मामले को सुलझाने के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) राजगीर के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। अथक प्रयासों के बाद पुलिस ने 48 घंटे के भीतर पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया।

पुलिस की गहन जांच में हत्या का चौंकाने वाला मकसद सामने आया। पता चला कि नीरज कुमार की हत्या के पीछे संपत्ति विवाद और पैसों का लालच मुख्य वजह थी। नीरज की अप्रैल 2025 में शादी तय हुई थी। जिसके लिए उसने अपनी पैतृक जमीन बेच दी थी। इस सौदे से उसे करीब 75 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। इसी रकम को हड़पने की साजिश में उसके कुछ करीबियों ने उसकी हत्या की योजना बनाई। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि 17 मार्च की रात करीब 9 बजे मुख्य आरोपी केशव कुमार और उसके साथियों ने नीरज की हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया ताकि सबूत मिटाया जा सके।

पुलिस ने जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें केशव कुमार (पिता स्व. संजय सिंह)- नीरज का चचेरा भाई, हर्षित कुमार (पिता स्व. उदय कुमार)- नीरज का चचेरा भाई, हरिओम कुमार (पिता स्व. संभु कुमार)- नीरज का चचेरा भाई, सौरव कुमार उर्फ मामू (पिता दीना प्रसाद)- केशव का दोस्त और केशव कुमार उर्फ मोना (पिता रणजीत सिंह)- हर्षित का दोस्त शामिल हैं। सभी पांचो आरोपी राजगीर थाना क्षेत्र के नई पोखर मोहल्ले के निवासी हैं।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई अहम सबूत बरामद किए हैं।  जिनमें मृतक का मोबाइल फोन, चश्मा और एयरबड्स, घटनास्थल से आरोपी हरिओम के टूटे हुए पेंडेंट का काला धागा, एक 7.62 एमएम का खोखा और एक पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस, पांच मोबाइल फोन शामिल हैं।

एसपी ने बताया कि छापेमारी टीम में डीएसपी राजगीर सुनील कुमार सिंह, राजगीर थानाध्यक्ष रमन कुमार, सर्किल इंस्पेक्टर संजय कुमार, गिरियक सर्किल प्रभारी मनीष भारद्वाज, डीआईयू प्रभारी आलोक कुमार, अपर थानाध्यक्ष संजीव कुमार, सिलाव थानाध्यक्ष मोहम्मद इरफान खान, कतरीसराय थानाध्यक्ष सत्यम तिवारी, छबीलापुर थानाध्यक्ष मुरली मनोहर आजाद, नालंदा थानाध्यक्ष निशि कुमार और गिरियक थानाध्यक्ष दीपक कुमार शामिल थे।

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