
राजगीर (नालंदा दर्पण)। राजगीर मकर मेला के पावन अवसर पर आयोजित दो दिवसीय पारंपरिक दंगल प्रतियोगिता पूरे उत्साह, रोमांच और खेल भावना के साथ संपन्न हो गई। इस भव्य आयोजन ने न सिर्फ मकर मेला की रौनक को दोगुना किया, बल्कि पारंपरिक भारतीय कुश्ती को भी नई ऊर्जा और पहचान दी।
दंगल प्रतियोगिता में बिहार समेत उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली सहित देश के कई राज्यों से आए पुरुष और महिला पहलवानों ने अखाड़े में दमखम, तकनीक और जुझारूपन का शानदार प्रदर्शन किया। लगातार हो रहे रोमांचक मुकाबलों को देखने के लिए अखाड़े के चारों ओर दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी रही। तालियों, जयकारों और उत्साहवर्धन के बीच हर मुकाबला दर्शकों के लिए यादगार बनता चला गया।
महिला पहलवानों की सशक्त भागीदारी इस दंगल की विशेष पहचान रही। महिला दंगल के फाइनल मुकाबले में मेरठ की तनु ने बेगूसराय की काजल कुमारी को कड़े संघर्ष के बाद पराजित कर विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि काजल कुमारी उपविजेता रहीं।
इसके अलावा 50 किलो वजन वर्ग में कुशीनगर की नंदिता तिवारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और पटना के बख्तियारपुर की गौरी कुमारी दूसरे स्थान पर रहीं। वहीं 57 किलो वजन श्रेणी में गोपालगंज की कल्पना तिवारी ने शानदार कुश्ती का प्रदर्शन करते हुए विजेता का स्थान हासिल किया, जबकि पटना के पंडारक की राधिका कुमारी उपविजेता बनीं। महिला मुकाबलों में दर्शकों की दिलचस्पी देखते ही बन रही थी।
पुरुष वर्ग में भी कई मुकाबले बेहद संघर्षपूर्ण और रोमांचक रहे। फाइनल मुकाबले में पानीपत के रोहित और बनारस के राजन कुमार सिंह के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। अपने अनुभव और ताकत का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रोहित ने जीत दर्ज की और प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि राजन कुमार सिंह उपविजेता रहे।
वहीं 80 किलो वजन वर्ग में दिल्ली के राहिल ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। 62 किलो वजन श्रेणी में बिटिया के सुमन यादव विजेता घोषित किए गए और नवादा के मनीष कुमार उपविजेता बने। 113 किलो वजन वर्ग के मुकाबलों ने भी दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
आयोजकों ने बताया कि दंगल प्रतियोगिता के विजेता और उपविजेता पहलवानों को मकर मेला के समापन समारोह में मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा। प्रतियोगिता के दौरान अनुशासन, सुरक्षा और खेल भावना का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सफल रहा।
इस दंगल प्रतियोगिता का संचालन बिहार खेल अकादमी के तत्वावधान में किया गया। कुल मिलाकर राजगीर मकर मेला का यह दंगल आयोजन देसी कुश्ती प्रेमियों के लिए यादगार बन गया और पहलवानी की समृद्ध परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर गया।





