
नगरनौसा (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के नगरनौसा थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रसडीहा गांव में बीती रात चोरों ने तांडव मचाया। अज्ञात चोरों ने तीन घरों में सेंधमारी कर लाखों रुपये की नकदी, कीमती जेवरात और अन्य सामान चुरा लिया। इस घटना से गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण रात के समय सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
चोरों ने सुनियोजित तरीके से तीन घरों को निशाना बनाया। पहला घर अशोक प्रसाद का था, जहां से चोरों ने ताला तोड़कर 50,000 रुपये नकद, एक सोने की चेन और अन्य सामान चुराया। जिसकी कुल कीमत लगभग दो लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
दूसरा निशाना रामचंद्र प्रसाद का घर था, जहां चोरों ने सोने की चेन, तीन जोड़ी कंवली, डेढ़ भर का मनटिका, तीन-पीस बेसर, एक अंगूठी, चार जोड़ी पायल और 10,000 रुपये नकद के साथ-साथ महत्वपूर्ण दस्तावेज चुरा लिए। चुराए गए जेवरात और सामान की अनुमानित कीमत लगभग छह लाख रुपये बताई जा रही है।
तीसरे घर शैलेंद्र प्रसाद के यहां चोरों ने सेंधमारी की। लेकिन उन्हें वहां कुछ भी मूल्यवान नहीं मिला। जिसके कारण वे खाली हाथ लौट गए।
इस चोरी की घटना ने प्रसडीहा गांव के निवासियों में भय और आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय गश्ती की कमी के कारण चोर बेखौफ होकर इस तरह की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने और गांव में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की है।
नगरनौसा थाना के थानाध्यक्ष पंकज कुमार पवन ने बताया कि चोरी की घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और आसपास के क्षेत्रों में छानबीन शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, “हम मामले की गहन जांच कर रहे हैं। संदिग्धों की तलाश के लिए स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जाएगा।”
यह घटना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण चोरों के हौसले बुलंद हैं। पिछले कुछ महीनों में नगरनौसा और आसपास के क्षेत्रों में चोरी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
गांव के कुछ बुजुर्गों ने सुझाव दिया कि ग्रामीणों को भी अपनी सुरक्षा के लिए जागरूक होना चाहिए। रात के समय घरों में मजबूत ताले लगाने, सामुदायिक निगरानी समूह बनाने और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना पुलिस को देने जैसे कदम उठाए जाने चाहिए।










