Home बेन बेन बाजार में जाम की जकड़न, राहगीरों का पैदल चलना तक दुश्वार!

बेन बाजार में जाम की जकड़न, राहगीरों का पैदल चलना तक दुश्वार!

Traffic jam in Ben Bazaar, making it difficult for pedestrians to even walk!

बेन (नालंदा दर्पण)। कल्पना कीजिए, आप बाजार की चहल-पहल भरी सड़क पर चल रहे हैं। एक तरफ चमचमाती दुकानें, दूसरी तरफ ठेले-टोटों की भीड़ और बीच में वाहनों का ऐसा तांता कि मानो सड़क किसी विशालकाय सांप की तरह सिकुड़ गई हो। पैरों तले फुटपाथ की बजाय सड़क का कंकड़-पत्थर और हर कदम पर खतरा।

यह कोई काल्पनिक दृश्य नहीं, बल्कि बेन प्रखंड मुख्यालय के बाजार और कस्बों की रोजमर्रा की हकीकत है। अतिक्रमण के इस काले बादल ने न केवल आवागमन को दुश्वार बना दिया है, बल्कि आम लोगों की जिंदगी को भी नर्क जैसी बना दिया है। लेकिन अफसोस, प्रशासन की नींद अभी भी गहरी सोई हुई है!

प्रखंड मुख्यालय की मुख्य सड़कें कभी व्यापार और रोजगार का केंद्र थीं, आज अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुकी हैं। सड़क की पटरियों पर बेतरतीब तरीके से खड़े वाहन चाहे वे ऑटो हों, मोटरसाइकिलें हों या टोटो राहगीरों के लिए अभिशाप साबित हो रहे हैं। फुटपाथों पर ठेले वालों की दुकानें सजी हुई हैं तो होटलों और दुकानों के सामने वाहन चालक बेखौफ पार्किंग बना लेते हैं।

नतीजा? पैदल यात्री सड़क के बीच से ही गुजरने को मजबूर हो जाते हैं, जहां हर पल दुर्घटना का खतरा मंडराता रहता है। समस्या की जड़ें गहरी हैं। सड़क के किनारे बसी होटलें और दुकानें तो जैसे अतिक्रमण का खुला न्योता दे रही हैं। दुकानदारों के सामने टोटो और ऑटो खड़े हो जाते हैं, मोटरसाइकिलें फुटपाथ पर ही लाइन लगा लेती हैं। सवारी चढ़ाने-उतराने का काम भी सड़क पर ही होता है, जिससे रास्ता और संकरा हो जाता है।

सुबह के व्यस्त समय में तो हालात और बिगड़ जाते हैं। जब स्कूल जाने वाले बच्चे, ऑफिस जाने वाले कर्मचारी और बाजार करने वाले ग्राहक एक साथ सड़क पर उतर आते हैं। जाम की वजह से कभी-कभी 10 मिनट का रास्ता 30 मिनट में तय होता है। ऊपर से पैदल चलना तो नामुमकिन। दुकानों के सामने सजी अस्थायी दुकानें और वाहनों की अवैध पार्किंग ही जाम का मुख्य कारण हैं। अगर प्रशासन सख्ती करे तो बाजार फिर से चमक सकता है।

यह समस्या केवल सुविधा की नहीं, बल्कि सुरक्षा की भी है। हाल ही में एक छोटी सी दुर्घटना में एक बुजुर्ग पैदल यात्री घायल हो गया, जब एक ऑटो ने सड़क के बीच से गुजरते हुए उसे टक्कर मार दी। विशेषज्ञों का मानना है कि फुटपाथों का दुरुपयोग न केवल ट्रैफिक को प्रभावित करता है, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाता है। क्योंकि वाहन सड़क पर ही इंतजार करते रहते हैं, जिससे प्रदुषण का धुंध और शोर का स्तर बढ़ भी जाता है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version