नालंदाबिग ब्रेकिंगराजगीर

यह कैसी शराबबंदी? आज जेल, कल बेल और फिर वहीं खेल!

बेन (रामावतार)। यह कैसी शराबबंदी? आज जेल, कल बेल और फिर वहीं खेल! सरकार शराब बंदी को सफल बनाने के लिए लगातार कड़ी कारवाई कर रही है, इसके बाद भी कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो मानने के लिए तैयार नहीं। जिसके कारण शराबबंदी पर सवाल उठना लाजमी है। लोगों को आसानी से शराब उपलब्ध भी हो जा रहा है।

इसी बीच बेन पुलिस ने थाना क्षेत्र के भिन्न भिन्न जगहों से छ: शराबी को नशे की हालत में गिरफ्तार किया है।

पकड़े गए शराबी की पहचान वेना थाना के पहाड़पुर निवासी सुमिन्द्र केवट का पुत्र बिक्रम कुमार, इसलामपुर थाना क्षेत्र के प्राणविगहा निवासी लखन केवट का पुत्र छोटु कुमार, विजय केवट का पुत्र पुटुस कुमार, बाबूलाल चौहान का पुत्र संजय चौहान, नूरसराय थाना क्षेत्र के बुधौल निवासी कपिल कुमार गुप्ता का पुत्र सोनु कुमार एवं बेन थाना क्षेत्र के मांड़ी गांव निवासी महादेव सिंह का पुत्र अशोक चंद्रवंशी के रुप में की गई है।

उपरोक्त सभी शराबियों के विरुद्ध अप्राथमिकी संख्या- 56/23 एवं 57/23 दर्ज करते हुए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

नाम न उजागर के सवाल पर कुछ शराबियों ने कहा कि पकड़े जाने पर आज जेल होई, तो कल बेल। फिर होगा वहीं खेल। लगातार कारवाई के बाद भी शराब पीने एवं बेचने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है।

वहीं दूसरी ओर बेन पुलिस ने कांड संख्या- 76/23 के आरोपी मो. शाद को गिरफ्तार किया है जिसे किशोर न्याय परिषद को सुपुर्द किया गया।

 

Nalanda Darpan

नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »