Homeनालंदाबिहार के 1.75 लाख विद्यालय अध्यापकों की सांसें अटकी, उनके दस्तावेजों की...

बिहार के 1.75 लाख विद्यालय अध्यापकों की सांसें अटकी, उनके दस्तावेजों की जांच होगी

नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार शिक्षा विभाग ने बिहार लोक सेवा आयोग की तरफ से टीआरइ वन, टू और थ्री के तहत नियुक्त और स्कूलों में पढ़ा रहे करीब पौने दो लाख विद्यालय अध्यापकों के शैक्षणिक / प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्र और अनुभव संबंधी दस्तावेजों की जांच कराने का निर्णय लिया है। यह जांच एक माह के अंदर करायी जानी है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर ने सूबे के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को इस आशय के दिशा निर्देश जारी करते हुए अपने आधिकारिक पत्र में बताया है कि विद्यालय अध्यापकों की नियुक्ति के लिए जरूरी शैक्षणिक/ प्रशैक्षणिक योग्यता और अनुभव अहर्ता संबंधी दस्तावेजों की जांच की जानी है।

खास बात यह है कि इस पत्र में जांच कराने की वजह नहीं बतायी गयी है। आधिकारिक पत्र में बताया गया है कि बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक नियमावली के तहत शिक्षा विभाग नियुक्ति के बाद दस्तावेजों की जांच करायी जा सकती है।

नियमावली में बताया गया है कि नियुक्ति प्राधिकार नियुक्ति पत्र निर्गत करने के पहले अभ्यर्थियों के शैक्षणिक/ प्रशैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव संबंधी प्रमाण पत्रों की जांच करायी जाये। हालांकि कार्य हित में औपबंधिक नियुक्ति पत्र निर्गत किये जा सकते हैं।

ऐसे में विभाग एक समय सीमा के अंदर संबंधित प्रमाण पत्रों का सत्यापन करा सकता है। प्रमाण पत्र जाली या गलत पाये जाने की स्थिति में नियुक्ति रद्द करते हुए दिये गये वेतन आदि राशि की वसूली बिहार एंड उड़ीसा पब्लिक डिमांड रिकवरी एक्ट के तहत की जा सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

जुड़ी खबरें

सर्वजन खबरें