धर्म-कर्मनालंदापर्यटनबिग ब्रेकिंगराजगीर

भव्य सीता मंदिर के लिए 50 एकड़ भूमि का होगा अधिग्रहण, बनेगा राम-जानकी फोर लेन मार्ग

मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा की ये घोषणाएं यह संकेत देती हैं कि बिहार अब केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि भविष्य के समृद्ध भारत की नींव रख रहा है- जहां धर्म, संस्कृति, शिक्षा और पर्यटन को एक साथ जोड़ा जा रहा है...

राजगीर (नालंदा दर्पण)। रामकथा केवल श्रवण नहीं, बल्कि संस्कृति और विकास की प्रेरणा बन रही है। राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन हॉल में आयोजित मुरारी बापू की रामकथा के आठवें दिन बिहार के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने बड़ी घोषणाएं कर सभी को चौंका दिया।

उन्होंने बताया कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद अब बिहार सरकार माता सीता की जन्मस्थली पुनौरा धाम (सीतामढ़ी) में भव्य सीता मंदिर निर्माण की योजना पर तेजी से कार्य कर रही है।

इसके तहत 50 एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। ज़िला प्रशासन को इसके लिए आवश्यक राशि भी मुहैया करा दी गई है। मुख्य सचिव ने कहा कि यह मंदिर न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक बनेगा, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक पहचान को विश्व पटल पर स्थापित करेगा।

इसके साथ ही एक और ऐतिहासिक पहल की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने अयोध्या से सीतामढ़ी होते हुए जनकपुर (नेपाल) तक जाने वाली सड़क को ‘राम-जानकी मार्ग’ का नाम दिया है। यह मार्ग अब चार लेन में विकसित किया जाएगा और इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले चार वर्षों में यह परियोजना पूर्ण हो जाएगी, जिससे तीर्थयात्रियों और आम यात्रियों को सुगमता होगी।

वैशाली को मिलेगा बुद्ध स्मृति स्थलः मुख्य सचिव मीणा ने आगे बताया कि वैशाली में वर्ष 1965 में खनन के दौरान प्राप्त भगवान बुद्ध की पवित्र अस्थियों को अब पटना संग्रहालय से वापस वैशाली लाकर एक भव्य स्मारक में स्थापित किया जाएगा। यह स्मारक 15 अगस्त को उद्घाटित किया जाएगा, जो वैशाली को वैश्विक बौद्ध पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती देगा।

विक्रमशिला विश्वविद्यालय को मिलेगा नया जीवनः मुख्य सचिव ने बताया कि प्राचीन भारत के तीन प्रमुख शिक्षा केंद्रों- तक्षशिला, नालंदा और विक्रमशिला  में से दो बिहार में स्थित हैं। अब सरकार का लक्ष्य विक्रमशिला विश्वविद्यालय को सेंट्रल यूनिवर्सिटी के तर्ज पर विकसित करना है। इसके लिए 200 एकड़ भूमि का अधिग्रहण शुरू हो गया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय को जोड़ने के लिए चार लेन सड़क और गंगा पर एक नया पुल भी बनाया जा रहा है, जिससे उत्तर-पूर्व भारत से संपर्क भी सरल हो जाएगा।

मुख्य सचिव ने मुरारी बापू से अनुरोध किया कि विक्रमशिला में भी एक रामकथा का आयोजन किया जाए, जिससे उस भूमि को आध्यात्मिक ऊर्जा भी प्राप्त हो।

राजगीर में हरियाली और पर्यटन का विस्तारः राजगीर की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि यहाँ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नेचर सफारी और जू सफारी का निर्माण कराया गया है। पहाड़ों को हरा-भरा बनाने के लिए हेलीकॉप्टर से बीज छिड़काव किया गया है।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.