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राजगीर में 364 करोड़ की फोरलेन सड़क का रास्ता साफ, 43.40 एकड़ जमीन का अधिग्रहण शुरू

स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से एनएच तक बनेगी 7.40 किमी सड़क, नेकपुर में आरओबी से रेलवे क्रॉसिंग पर जाम से मिलेगी राहत

राजगीर (नालंदा दर्पण)। राजगीर की सड़क कनेक्टिविटी अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। खेल परिसर को वीरायतन, आरआईसीसी और कुंड क्षेत्र से जोड़ने वाली करीब 7.40 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क अब सिर्फ योजना नहीं रह गयी है।

करीब 364 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए जिला भू-अर्जन कार्यालय ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परियोजना में नेकपुर के पास रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) भी प्रस्तावित है, जिससे सड़क और रेल यातायात के बीच मौजूद एक महत्वपूर्ण बाधा दूर करने की कोशिश होगी।

पांच मौजों में 43.40 एकड़ जमीन के दायरे में

समाहर्ता कार्यालय से अधिघोषणा जारी होने के बाद परियोजना से संबंधित भूमि के क्रय-विक्रय पर रोक लग गयी है। राजगीर राजस्व अंचल के पिलखी, महादेवपुर, राजगीर, नेकपुर और मटिहानी मौजों में कुल 43.4004 एकड़ भूमि अधिग्रहण के दायरे में है।

मौजावार देखें तो पिलखी में 17.815 एकड़ जमीन सबसे अधिक चिह्नित की गयी है। इसके बाद महादेवपुर में 8.1025 एकड़, राजगीर में 7.9375 एकड़, नेकपुर में 7.0929 एकड़ और मटिहानी में 4.2922 एकड़ भूमि शामिल है। मटिहानी की जमीन में रैयती और गैरमजरूआ दोनों प्रकार की भूमि शामिल है।

परियोजना से सबलपुर, फतेहपुर समेत आसपास के इलाकों के रैयत भी प्रभावित होंगे। उपलब्ध विभागीय विवरण के अनुसार, भूमि अर्जन के कारण किसी परिवार के विस्थापित होने की स्थिति नहीं है।

विरोध के बाद बदला गया सड़क का एलाइनमेंट

इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि स्थानीय स्तर पर सामने आयी आपत्तियों के बाद सड़क के प्रस्तावित एलाइनमेंट में आंशिक बदलाव किया गया। पहले तैयार नक्शे को लेकर पिलखी और नेकपुर क्षेत्र में ग्रामीणों की आपत्तियां सामने आयी थीं। इसके बाद संशोधित नक्शे के आधार पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ायी गयी।

प्रस्तावित मार्ग स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से शुरू होकर कुबड़ी, जैतीपुर, फतेहपुर और इंडो होक्के होटल होते हुए वीरायतन, आरआईसीसी और पांडूपोखर क्षेत्र से गुजरते हुए कुंड के पास एनएच से जुड़ने की योजना है। इस तरह यह सड़क राजगीर के खेल और पर्यटन क्षेत्र को एक वैकल्पिक, चौड़े मार्ग से जोड़ने का काम करेगी।

नेकपुर में आरओबी बनेगा, रेलवे फाटक पर रुकेगा जाम

परियोजना की सबसे अहम कड़ियों में से एक राजगीर-तिलैया रेलखंड पर नेकपुर के पास प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज है। वर्तमान में रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन के गुजरने के दौरान वाहनों को रुकना पड़ता है, जिससे पीक समय में यातायात प्रभावित होता है। आरओबी बनने के बाद सड़क यातायात को रेलवे लाइन के ऊपर से निर्बाध रास्ता मिलने की उम्मीद है।

खेल आयोजनों के साथ पर्यटन को भी मिलेगा नया रास्ता

राजगीर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों और पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने के साथ सड़क यातायात पर दबाव भी बढ़ता है। प्रस्तावित फोरलेन से पटेल चौक, बस स्टैंड और शहर की प्रमुख सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो सकता है। खासकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बड़े आयोजन होने पर खिलाड़ियों, दर्शकों और पर्यटकों की आवाजाही के लिए यह मार्ग उपयोगी साबित हो सकता है।

इस परियोजना को राज्य सरकार ने पहले ही प्रशासनिक मंजूरी दी थी। अगस्त 2025 में सामने आये विवरण के अनुसार, 7.40 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन पहुंच पथ के लिए ₹36,399.30 लाख यानी करीब ₹363.99 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी थी।

अब नजर जमीन अधिग्रहण और निर्माण की अगली प्रक्रिया पर

भूमि अधिग्रहण शुरू होने के साथ परियोजना अब उसके सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक चरण में प्रवेश कर चुकी है। आगे रैयतों की आपत्तियों, दावों और मुआवजे से जुड़े मामलों का निपटारा महत्वपूर्ण होगा। इसके बाद सड़क निर्माण की दिशा में अगली कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

राजगीर के लिए इस परियोजना की खासियत केवल चार लेन की सड़क नहीं, बल्कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, पर्यटन स्थलों, आरआईसीसी, कुंड क्षेत्र और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को एक ही कनेक्टिविटी कॉरिडोर में जोड़ना है। यदि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार काम आगे बढ़ता है, तो यह मार्ग राजगीर के बदलते यातायात ढांचे की एक महत्वपूर्ण कड़ी बन सकता है।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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