बिहार में 10 अगस्त तक होगी BPSC TRE-4 और विशेष शिक्षक भर्ती परीक्षा
डाइट (जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान) के माध्यम से राज्य के लगभग छह लाख शिक्षकों को प्रतिवर्ष एक सप्ताह का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण शिक्षकों की पेशेवर क्षमता को बढ़ाने और आधुनिक शिक्षण तकनीकों से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण होगा...
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण संवाददाता)। बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षक भर्ती और प्रशिक्षण के क्षेत्र में बड़े कदम उठाने की घोषणा की है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार के अनुसार 10 अगस्त 2025 तक चौथे चरण की शिक्षक पात्रता परीक्षा (BPSC TRE-4) और 7,279 विशेष शिक्षकों की भर्ती के लिए परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही, 6,421 पदों पर अनुकंपा आधारित नियुक्तियां भी पूरी की जाएंगी।
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विभागीय सभागार में हुई बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुकंपा आधारित नियुक्तियों के लिए कोई परीक्षा नहीं होगी। नियमावली को मंजूरी मिलते ही इन नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा। गौरतलब है कि ये नियुक्तियां 2017 से लंबित हैं, जिसे अब प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। अनुकंपा आधारित नियुक्तियों की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए शिक्षा विभाग ने नियमावली को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
इसके अतिरिक्त नियोजित शिक्षकों की शेष सक्षमता परीक्षाएं भी 10 अगस्त तक पूरी कर ली जाएंगी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षकों की पदस्थापना और तबादले की प्रक्रिया भी इसी अवधि में पूरी होगी। यह कदम शिक्षकों की कार्यक्षमता और शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए उठाया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि डाइट (जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान) के माध्यम से राज्य के लगभग छह लाख शिक्षकों को प्रतिवर्ष एक सप्ताह का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण शिक्षकों की पेशेवर क्षमता को बढ़ाने और आधुनिक शिक्षण तकनीकों से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
शिक्षा मंत्री ने बिहार स्टेट एजुकेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (बीएसईआईडीसी) को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं को समय सीमा में पूरा किया जाए। इसके तहत पटना के सभी हॉस्टलों का जीर्णोद्धार और विधायकों व विधान पार्षदों की अनुशंसाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा।
बैठक में शिक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया और मोबाइल के समझदारीपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने की रणनीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को इस दिशा में जागरूक करने की आवश्यकता है। इसके लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। शिक्षा विभाग सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए कार्यशालाएं और सेमिनार आयोजित करेगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव अजय यादव, सभी शिक्षा निदेशक, उप निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। शिक्षा मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित समय सीमा में सभी कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।





