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ई-शिक्षाकोष से बदलेगी कक्षा की तस्वीर: डायट नूरसराय में शिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

नवीन डिजिटल तकनीक और ई-शिक्षाकोष की मदद से प्राथमिक शिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

कतरीसराय (नालंदा दर्पण)। डिजिटल युग में प्राथमिक शिक्षा को अधिक प्रभावी और रोचक बनाने की दिशा में नालंदा जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हो गई है। राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी)  के निदेशक के निर्देशानुसार ई-शिक्षाकोष के माध्यम से कक्षा 3 से 5 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आरंभ किया गया है।

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यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्राथमिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा) शहनवाज हुसैन द्वारा जारी पत्र के आलोक में आयोजित किया जा रहा है। जिले भर से कुल 475 शिक्षक एवं शिक्षिकाएं इस प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं।

प्रशिक्षण का आयोजन डायट मोकामा, डायट बाढ़, एससीईआरटी पटना (महेन्द्रु) तथा डायट नूरसराय में किया जा रहा है। इनमें अकेले डायट नुरसराय में 140 शिक्षक-शिक्षिकाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

डायट नूरसराय में प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ प्राचार्य एवं सभी व्याख्याताओं द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षण के उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्राचार्य डॉ. सरफराज आलम ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को नवीन शिक्षण विधियों, डिजिटल संसाधनों और ई-शिक्षाकोष के प्रभावी उपयोग से परिचित कराना है, ताकि कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक, सहभागी और गुणवत्तापूर्ण बनाया जा सके।

उन्होंने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान उपस्थिति, सहभागिता और उपलब्धि को गंभीरता से सुनिश्चित करना सभी का कर्तव्य है।

प्रशिक्षण प्रभारी एस. बी. आनंद ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक आधारित शिक्षण केवल विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुका है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-शिक्षाकोष के माध्यम से शिक्षक बच्चों तक विषयवस्तु को अधिक सरल और प्रभावी ढंग से पहुँचा सकते हैं।

प्रशिक्षण सत्रों में डॉ. पुष्कर कुमार, मोहम्मद महफूज आलम, अर्चना नाथ, संगम भारती तथा एनसीआरटी से साकेत कुमार सहित अन्य विशेषज्ञों द्वारा शिक्षकों को पाठ योजना निर्माण, डिजिटल कंटेंट के उपयोग और बच्चों के सर्वांगीण विकास से जुड़ी नई अवधारणाओं की जानकारी दी जा रही है।

इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन से जिले में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सकारात्मक और दूरगामी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

स्रोतः कतरीसराय से नालंदा दर्पण डेस्क के लिए संतोष भारती की रिपोर्ट।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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