नगरनौसा (नालंदा दर्पण)। नगरनौसा प्रखंड कार्यालय के सभागार में बुधवार को पंचायत समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख रंजू कुमारी ने की। इस दौरान पंचायत समिति के सदस्यों ने योजनाओं के पारित होने और उनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी को लेकर गंभीर सवाल उठाए। विशेष रूप से सदस्यों ने प्रमुख पर योजनाओं के चयन और कार्यान्वयन में एकाधिकार का आरोप लगाया, जिससे सदन में तीखी बहस देखने को मिली।
बैठक में पंचायत समिति के सदस्यों ने मांग की कि योजनाओं को पारित करने की प्रक्रिया में सभी सदस्यों की उपस्थिति और सहमति अनिवार्य हो। उन्होंने यह भी जोर दिया कि योजनाओं के स्थल पर स्पष्ट रूप से योजना पट्ट (साइनबोर्ड) लगाया जाए। ताकि जनता को कार्य की प्रगति और विवरण की जानकारी हो सके। इसके अलावा योजनाओं के अभिलेखन और भुगतान में विभागीय दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करने की मांग उठी।
सदस्यों ने षष्टम वित्त मद के तहत संचालित योजनाओं में व्यय को विभागीय निर्देशों के अनुरूप करने की बात कही। उन्होंने कहा कि वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के लिए पारदर्शी और नियमबद्ध तरीके से कार्य किए जाएं। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि कई योजनाओं में गुणवत्ता और जवाबदेही का अभाव है। जिसे तत्काल सुधारने की आवश्यकता है।
बैठक में विद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए। विशेष रूप से स्कूलों में बन रही बाउंड्री वॉल की स्थिति को दयनीय बताया गया। इसके अलावा एजेंसी द्वारा लगाए गए सोलर पैनलों की खराब स्थिति पर भी नाराजगी जताई गई। सदस्यों ने मांग की कि इन कार्यों की गहन जांच की जाए और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो।
बैठक में उपप्रमुख सुमंती कुमारी, बीडीओ ओमप्रकाश कुमार, सीओ सत्येंद्र कुमार, बीपीआरओ मदन कुमार, बीपीएम जीविका अजय कुमार, बीइओ पुष्पा कुमारी, बीएओ महेश चौधरी, मुखिया रूदल प्रसाद, शिव कुमार, ललिता देवी, शम्भू कुमार, पंचायत समिति सदस्य शुशीला कुमारी, सत्येंद्र पासवान सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।









