नार्वे राजदूत ने की बिहारशरीफ सदर अस्पताल की सराहना, NMCH से बेहतर है SNCU

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहारशरीफ सदर अस्पताल की विशेष नवजात देखभाल इकाई (SNCU) की व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं ने नार्वे से आए एक प्रतिनिधिमंडल का ध्यान आकर्षित किया। नार्वे की राजदूत मे एलिन स्टेनर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय दल ने अस्पताल का गहन निरीक्षण किया और इसकी व्यवस्थाओं को नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) से भी बेहतर बताया।
नार्वे की राजदूत मे एलिन स्टेनर ने अपनी टीम के साथ करीब एक घंटे तक सदर अस्पताल के विभिन्न वार्डों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विशेष नवजात देखभाल इकाई (SNCU) में बच्चों की देखभाल, चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, ब्रेस्ट फीडिंग की तकनीकों और चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यशैली का बारीकी से अवलोकन किया।
निरीक्षण के बाद राजदूत ने कहा कि बिहारशरीफ सदर अस्पताल की SNCU की व्यवस्था NMCH से कहीं बेहतर है। यहाँ की स्वास्थ्य सेवाएँ अत्यंत सुदृढ़ और प्रशंसनीय हैं। इसे इसी तरह बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब तक संसाधनों की कमी नहीं होगी, तब तक मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ मिलती रहेंगी। राजदूत ने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत कर उनकी कार्यप्रणाली की सराहना की और कुछ सुझाव भी दिए।
निरीक्षण के दौरान नार्वे की टीम के साथ स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। जिनमें डॉ. अशफाक अहमद भट्ट, डॉ. आशीष श्रीवास्तव, सिविल सर्जन डॉ. जितेन्द्र कुमार सिंह, डीपीएम श्याम कुमार निर्मल, स्वास्थ्य प्रबंधक मो. इमरान और लेखापाल सुरजीत कुमार शामिल थे।
सदर अस्पताल के निरीक्षण के बाद नार्वे की टीम ने दीपनगर स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का दौरा किया। यहाँ स्वास्थ्यकर्मियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद टीम ने आसपास के गाँवों का भ्रमण किया और मरीजों तथा उनके परिजनों से सीधा संवाद किया।
टीम ने ग्रामीणों से बच्चों को समय पर मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं, उपचार की गुणवत्ता और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही उन्होंने एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं से जच्चा-बच्चा देखभाल के तौर-तरीकों पर चर्चा की और उनके कार्यों की प्रशंसा की।
नार्वे की राजदूत ने दीपनगर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि यहाँ की व्यवस्थाएँ अन्य स्थानों के लिए भी अनुकरणीय हो सकती हैं। संसाधनों की कमी न हो, तो ऐसी सेवाएँ और बेहतर हो सकती हैं। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को सलाह दी कि वे अपनी कार्यशैली में निरंतरता बनाए रखें और मरीजों की जरूरतों को प्राथमिकता दें।
बहरहाल, नार्वे राजदूत की टीम के इस दौरे से न केवल स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली, बल्कि यह भी साबित हुआ कि बिहारशरीफ सदर अस्पताल और इसके हेल्थ सेंटर्स स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।





