बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार में निर्माणाधीन राजगीर क्रिकेट स्टेडियम न केवल खेल प्रेमियों के लिए, बल्कि पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय बनने जा रहा है। यह स्टेडियम जल्द ही राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की मेजबानी करने के लिए तैयार होगा, जिससे बिहार का नाम वैश्विक खेल जगत में चमकेगा। स्टेडियम का लगभग 75 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और यह तेजी से अपने अंतिम स्वरूप की ओर अग्रसर है।
यह भव्य स्टेडियम 46 लाख वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें 40 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के मानकों का पूर्णतः पालन करते हुए इसका निर्माण किया जा रहा है।
स्टेडियम में कुल 13 पिचें तैयार की गई हैं, जिनमें 7 काली मिट्टी और 6 लाल मिट्टी से निर्मित हैं। इन पिचों पर उच्च गुणवत्ता वाली घास उगाई जा रही है, जो विभिन्न प्रकार के खेल परिदृश्यों के लिए उपयुक्त होगी।
खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा के लिए स्टेडियम में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इनमें शामिल हैं-
हाईटेक पवेलियन: आधुनिक तकनीक से युक्त पवेलियन खिलाड़ियों और दर्शकों को बेहतरीन अनुभव प्रदान करेगा।
अत्याधुनिक ड्रैसिंग रूम: खिलाड़ियों के लिए आरामदायक और सुसज्जित ड्रैसिंग रूम।
वीआईपी लाउंज और मीडिया सेंटर: विशिष्ट अतिथियों और पत्रकारों के लिए विशेष व्यवस्था।
प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल और कमेंट्री बॉक्स: मीडिया और प्रसारण की सुविधा के लिए उन्नत ढांचा।
प्रशासनिक कार्यालय और कोचिंग स्टाफ के लिए अलग कमरे: प्रशासनिक कार्यों और टीम प्रबंधन के लिए समर्पित स्थान।
जनरल स्टैंड: दर्शकों के लिए आरामदायक और विशाल बैठने की व्यवस्था।
बता दें कि वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री द्वारा इस स्टेडियम की आधारशिला रखी गई थी। 258 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस प्रोजेक्ट के लिए वित्तीय वर्ष 2026 में राज्य सरकार ने 35.86 करोड़ रुपये की अतिरिक्त स्वीकृति प्रदान की है।
हालांकि, कोविड-19 महामारी के कारण निर्माण कार्य में कुछ देरी हुई। लेकिन अब यह परियोजना तेजी से पूरी हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि महामारी का प्रभाव नहीं होता, तो यह स्टेडियम अब तक पूर्ण रूप से तैयार हो चुका होता।
वेशक यह स्टेडियम न केवल क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक उपहार होगा, बल्कि यह बिहार के खेल ढांचे को मजबूत करने और पर्यटन को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राजगीर पहले से ही अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता रहा है। वह अब खेल के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाएगा। यह स्टेडियम स्थानीय युवाओं को क्रिकेट के क्षेत्र में प्रेरित करेगा और उन्हें राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करेगा।
बहरहाल, निर्माण कार्य के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही, स्टेडियम में जल्द ही प्री-सीजन मैचों और स्थानीय टूर्नामेंट्स की मेजबानी शुरू हो सकती है। बीसीसीआई और अन्य क्रिकेट संगठनों के साथ समन्वय कर अंतर्राष्ट्रीय मैचों की मेजबानी की योजना बनाई जा रही है। यह स्टेडियम न केवल क्रिकेट, बल्कि अन्य खेल आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।





