मॉडल अस्पताल में टूटी झंडोत्तोलन की रस्सी, PHC में उल्टा फहरा तिरंगा

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। स्वतंत्रता दिवस का पर्व देशभक्ति और गर्व का प्रतीक है, लेकिन नालंदा जिले में इस बार यह अवसर प्रशासनिक लापरवाही और तैयारियों की कमी के कारण चर्चा का विषय बन गया। दो अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों पर हुई घटनाओं ने न केवल स्थानीय लोगों को निराश किया, बल्कि राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान को भी ठेस पहुंचाई।
एक ओर बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल में झंडोत्तोलन के दौरान रस्सी टूटने की घटना ने सबको हैरान किया तो दूसरी ओर तियुरी पंचायत के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में तिरंगे को उल्टा फहराए जाने का मामला सामने आया।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल में आयोजित झंडोत्तोलन समारोह में उस समय अव्यवस्था फैल गई, जब नालंदा के सिविल सर्जन अविनाश कुमार सिंह राष्ट्रीय ध्वज फहराने की प्रक्रिया में थे। जैसे ही तिरंगे को ऊपर चढ़ाया जाने लगा, रस्सी अचानक टूट गई और ध्वज जमीन पर आ गिरा।
यह दृश्य अस्पताल के कर्मचारियों, नर्सिंग स्टाफ, सुरक्षा गार्डों और उपस्थित लोगों के सामने हुआ, जिससे वहां मौजूद सभी लोग स्तब्ध रह गए। हालांकि, स्थिति को संभालते हुए कर्मचारियों ने तत्काल नई रस्सी का इंतजाम किया और कुछ देर बाद झंडोत्तोलन की प्रक्रिया पूरी की गई।
दूसरी ओर बिहारशरीफ प्रखंड के तियुरी पंचायत अंतर्गत मेदनी प्रसाद उमा देवी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में एक और गंभीर चूक देखने को मिली। यहां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा फहराया गया।
तिरंगे का उल्टा फहराया जाना न केवल राष्ट्रीय ध्वज का अपमान है, बल्कि यह स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को भी उजागर करता है। इस घटना का वीडियो स्थानीय लोगों द्वारा रिकॉर्ड कर लिया गया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
जैसे ही स्वास्थ्य विभाग को इस चूक की जानकारी मिली, दोपहर बाद आनन-फानन में गलत तरीके से फहराए गए झंडे को उतारकर सही तरीके से फहराया गया। लेकिन तब तक यह घटना सोशल मीडिया के माध्यम से न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि पूरे जिले में चर्चा का विषय बन चुकी थी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इन घटनाओं पर सफाई देते हुए इसे मानवीय भूल करार दिया। सिविल सर्जन ने कहा कि मॉडल अस्पताल में रस्सी टूटने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी। हमने तुरंत कार्रवाई की और समारोह को पूरा किया। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए और सावधानी बरती जाएगी।
वहीं PHC में तिरंगे को उल्टा फहराए जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने इसे कर्मचारियों की अज्ञानता का परिणाम बताया और कहा कि जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों के साथ लोगों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
बहरहाल स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर इस तरह की चूक न केवल शर्मनाक है, बल्कि यह राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और गंभीरता की कमी को भी दर्शाता है। इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए पहले से पूरी तैयारी करनी चाहिए। झंडोत्तोलन की रस्सी से लेकर ध्वज के सही तरीके से फहराने तक की प्रक्रिया की जांच और प्रशिक्षण जरूरी है।





