“ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध बालू कारोबार पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके…
कतरीसराय (नालंदा दर्पण)। कतरीसराय थाना क्षेत्र के बिलारी गांव में सोमवार सुबह एक हृदयविदारक सड़क हादसे में 50 वर्षीय धनंजय कुमार की मौत हो गई। वह स्वर्गीय कैलाश महतो के पुत्र थे। इस घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं आक्रोशित ग्रामीणों ने राज्य हाईवे-71 को जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार धनंजय कुमार प्रतिदिन की तरह सोमवार सुबह करीब पांच बजे घर से सूर्य मंदिर में पूजा-अर्चना और टहलने के लिए निकले थे। इसी दौरान गांव के समीप स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के पास विपरीत दिशा से तेज रफ्तार में आ रहे अज्ञात बालू लदे ट्रैक्टर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से उन्हें तत्काल पावापुरी स्थित विम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटी और दो बेटे हैं, जिनके सामने अब जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है।
घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने बिलारी मोड़ के पास राज्य हाईवे-71 को जाम कर दिया और अवैध बालू परिवहन के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर प्रतिदिन तेज गति से अवैध बालू लदे वाहन गुजरते हैं, जिससे लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार और पीएसआई मुकुंद भारती मौके पर पहुंचे। उन्होंने पहले अस्पताल जाकर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की, इसके बाद जाम स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझा-बुझाकर करीब एक घंटे बाद जाम समाप्त कराया।
इसी बीच अंचल कार्यालय से पहुंचे अधिकारियों ने कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की और आपदा प्रबंधन के तहत उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।



