राजगीर (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के राजगीर क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। अचानक एक साथ आठ छात्राओं के रहस्यमय तरीके से लापता होने की खबर ने न केवल उनके परिवारजनों, बल्कि पूरे गांव में हड़कंप मचा दिया। यह घटना नेकपुर और बरैनी गांवों से जुड़ी है, जहां से सात छात्राएं बरैनी की और एक नेकपुर की थीं। इनमें सात छात्राएं बेलदार बिगहा प्लस टू स्कूल की और एक बरैनी मध्य विद्यालय की थीं। इस घटना ने बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खबरों के अनुसार जब ये छात्राएं अपने घरों से स्कूल के लिए निकलीं तो किसी को अंदाजा नहीं था कि यह दिन एक बड़े रहस्य का कारण बन जाएगा। परिजनों के अनुसार लड़कियों ने बताया था कि वे स्कूल में फॉर्म भरने जा रही हैं और इसके लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक और फोटो साथ ले गई थीं। लेकिन विद्यालय की उपस्थिति पंजी और सीसीटीवी फुटेज से यह साफ हो गया कि उस दिन कोई भी छात्रा स्कूल नहीं पहुंची। इस खुलासे ने परिजनों और ग्रामीणों को और चिंता में डाल दिया।
पूरे दिन और रात परिजनों ने अपनी बेटियों की तलाश में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अगले भी उनके घरों में चूल्हा नहीं जला और मातम का माहौल रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार गुरुवार सुबह 11 बजे कटारी मोड़ पर सभी छात्राओं को एक साथ देखा गया था। आसपास के स्कूलों और कोचिंग संस्थानों के सीसीटीवी फुटेज से यह पुष्टि हुई कि वे सभी एक साथ थीं।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह अनुमान लगाया गया कि छात्राएं किसी वाहन से राजगीर पहुंचीं। राजगीर बस स्टैंड के पास पथ निर्माण विभाग के कार्यालय के आसपास के सीसीटीवी फुटेज में उन्हें देखा गया।
फुटेज में साफ दिखा कि छात्राओं ने अपनी स्कूल पोशाक बदली और दुपट्टे से चेहरा ढक लिया। इसके बाद वे बस में सवार होकर पटना की ओर रवाना हो गईं। चौंकाने वाली बात यह थी कि फुटेज में एक युवक भी उनके साथ नजर आया, जिसने इस मामले को और रहस्यमय बना दिया।
राजगीर पुलिस को जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, उन्होंने त्वरित कार्रवाई शुरू की। राजगीर के पूर्व थानाध्यक्ष दीपक कुमार के नेतृत्व में एक टीम ने पटना के गांधी मैदान से सभी आठ छात्राओं को सकुशल बरामद कर लिया।
डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सभी छात्राओं से छबिलापुर थाना में पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि ये छात्राएं अपनी मर्जी से पटना गई थीं, लेकिन इस दावे पर ग्रामीण और परिजन सहज विश्वास नहीं कर पा रहे हैं।
छात्राओं के बरामद होने के बावजूद कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। परिजनों ने बताया कि लड़कियां आधार कार्ड और बैंक पासबुक लेकर घर से निकली थीं, लेकिन स्कूल नहीं गईं। इससे यह संदेह गहरा रहा है कि क्या उन्हें किसी ने बहलाया-फुसलाया? क्या उनके साथ देखा गया युवक उन्हें पहले से जानता था? या फिर इसके पीछे कोई संगठित साजिश थी? स्थानीय लोग इसे किसी प्रलोभन या सुनियोजित योजना का हिस्सा मान रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले की तह तक जाकर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। बरैनी और नेकपुर के लोग इस घटना से डरे और सहमे हुए हैं। अभिभावकों में अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। वे चाहते हैं कि पुलिस इस मामले की गहन जांच करे और यदि कोई व्यक्ति या गिरोह इसमें शामिल है तो उसे बेनकाब किया जाए।
यह घटना न केवल एक स्थानीय मामला है, बल्कि यह समाज में बेटियों की सुरक्षा और बढ़ती असुरक्षा के मुद्दे को उजागर करती है। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसी घटनाएं भविष्य में दोबारा न हों, इसके लिए पुलिस को सख्त कदम उठाने चाहिए। फिलहाल, छात्राओं के बयान न्यायालय में दर्ज किए जाएंगे और पुलिस अपनी जांच जारी रखे हुए है।





