भारतीय हॉकी टीम एशिया कप 2025 में खिताब के लिए तैयार, जानें शिड्यूल
राजगीर (नालंदा दर्पण)। भारतीय पुरुष हॉकी टीम हीरो पुरुष एशिया कप 2025 में अपने अभियान की शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह टूर्नामेंट 29 अगस्त से 7 सितंबर तक बिहार के राजगीर में आयोजित होगा। भारत ने पिछली बार यह खिताब 2017 में जीता था और इस बार लक्ष्य है फिर से महाद्वीपीय ताज हासिल करना। साथ ही 2026 एफआईएच हॉकी विश्व कप के लिए सीधे क्वालिफाई करना।
पुरुष एशिया कप एशियाई हॉकी की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में से एक है। दक्षिण कोरिया ने अब तक पांच बार खिताब जीतकर इस टूर्नामेंट में अपनी बादशाहत कायम की है, जबकि भारत तीन बार इस खिताब को अपने नाम कर चुका है।
पिछले संस्करण में भारत सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया के खिलाफ ड्रॉ होने के बाद गोल अंतर के आधार पर फाइनल में जगह बनाने से चूक गया और तीसरे स्थान पर रहा। इस बार घरेलू मैदान पर भारत के पास इतिहास को दोहराने और खिताब जीतने का सुनहरा अवसर है।
भारत को पूल-ए में चीन, जापान और कजाकिस्तान के साथ रखा गया है। भारतीय टीम का अभियान 29 अगस्त को चीन के खिलाफ पहले मुकाबले के साथ शुरू होगा। इसके बाद 31 अगस्त को जापान और 1 सितंबर को कजाकिस्तान के खिलाफ ग्रुप स्टेज के मुकाबले खेले जाएंगे।
पूल-बी में दक्षिण कोरिया, मलेशिया, बांग्लादेश और इंडोनेशिया की टीमें शामिल हैं। प्रत्येक पूल की शीर्ष दो टीमें सुपर-4 चरण में प्रवेश करेंगी और टूर्नामेंट का विजेता विश्व कप के लिए स्वतः क्वालिफिकेशन हासिल करेगा।
हालांकि भारत का हालिया एफआईएच हॉकी प्रो लीग यूरोपियन चरण कुछ खास नहीं रहा, लेकिन विश्व रैंकिंग में सातवें स्थान पर काबिज और एशिया की नंबर-1 टीम होने के नाते भारत इस टूर्नामेंट का मजबूत दावेदार है। खासकर राजगीर में घरेलू दर्शकों का समर्थन भारतीय टीम के लिए एक अतिरिक्त प्रेरणा साबित होगा। स्थानीय प्रशंसकों की ऊर्जा और समर्थन से खिलाड़ियों का मनोबल ऊंचा है, और वे इस अवसर का पूरा फायदा उठाने को तैयार हैं।
भारतीय टीम के कोच क्रेग फुल्टन ने तैयारियों पर संतोष जताते हुए कहा, “हमारी तैयारी शानदार रही है। पर्थ में आयोजित प्रशिक्षण शिविर हमारे लिए बहुत फायदेमंद रहा। वहां के कठिन प्रशिक्षण सत्रों और प्रतिस्पर्धी अभ्यास मैचों ने हमें शारीरिक और सामरिक दोनों रूप से मजबूत किया है। हम पूरी ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ इस टूर्नामेंट में उतर रहे हैं।
उन्होंने टीम के लक्ष्य पर जोर देते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य स्पष्ट है एशिया कप जीतना और विश्व कप के लिए क्वालिफाई करना। हमें पता है कि प्रतियोगिता कठिन होगी, लेकिन हमें अपनी मेहनत और सामूहिक क्षमता पर पूरा भरोसा है। अगर हम अपनी रणनीति पर कायम रहे और निरंतरता बनाए रखी, तो हम अपने लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं।
टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी आत्मविश्वास से भरे अंदाज में कहा कि हमारी तैयारियां बेहतरीन रही हैं। ऑस्ट्रेलिया दौरा हमारे लिए काफी फायदेमंद रहा, क्योंकि वहां की टीमें भी एशियाई टीमों की तरह मैन-टू-मैन रणनीति अपनाती हैं। हम हर प्रतिद्वंद्वी को गंभीरता से लेते हैं और अपनी रणनीति पर ध्यान केंद्रित करते हैं। हमारा लक्ष्य है समझदारी से खेलना, अपनी संरचना बनाए रखना और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना। यही हमारी ड्रेसिंग रूम की ऊर्जा और योजना है।
एशिया कप में भारत का सामना मजबूत टीमों से होगा, खासकर जापान और दक्षिण कोरिया जैसी टीमें जो अपनी तेज और आक्रामक शैली के लिए जानी जाती हैं। भारतीय टीम को अपने डिफेंस को मजबूत रखने और पेनल्टी कॉर्नर के अवसरों को भुनाने पर विशेष ध्यान देना होगा। हरमनप्रीत सिंह जैसे अनुभवी ड्रैग-फ्लिकर और मिडफील्ड में मंजीत और हार्दिक सिंह जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी भारत को एक संतुलित और मजबूत इकाई बनाती है।
राजगीर में इस टूर्नामेंट के आयोजन से स्थानीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह है। यह पहली बार है जब बिहार इस स्तर के अंतर्राष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। स्थानीय प्रशंसक भारतीय टीम का समर्थन करने के लिए तैयार हैं और आयोजन स्थल पर भारी भीड़ की उम्मीद है। यह टूर्नामेंट न केवल खेल के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि बिहार में हॉकी को बढ़ावा देने और युवा प्रतिभाओं को प्रेरित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।





