Asia Hockey Cup: चीन ने कजाकिस्तान को रौंदा, जापान से मुकाबला निर्णायक
राजगीर (नालंदा दर्पण)। Asia Hockey Cup: चीन की हॉकी टीम ने राजगीर के अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में कजाकिस्तान के खिलाफ एकतरफा मुकाबले में 13-1 से शानदार जीत दर्ज कर टूर्नामेंट में अपनी दमदार वापसी का ऐलान किया। पुल ए में शामिल चीन को अपने पहले मैच में भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस जीत ने उनकी सुपर 4 की दावेदारी को फिर से मजबूत कर दिया। अब सबकी निगाहें जापान के खिलाफ निर्णायक मुकाबले पर टिकी हैं।
मैच की शुरुआत में कजाकिस्तान ने आक्रामक रुख अपनाया और मात्र 2वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर डुईसेंजी अगिमटे ने गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। लेकिन इसके बाद कजाकिस्तान की रक्षा पंक्ति पूरी तरह से बिखर गई। चीन ने तेजी से जवाबी हमला बोला और 10वें मिनट में डु सेहायू ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद तो जैसे गोलों की बरसात हो गई।
13वें मिनट में चेन किजुन ने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला, जबकि 15वें मिनट में लिंग चांगलियांग ने शानदार फील्ड गोल दागा। 19वें मिनट में चेन बेनहाई ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया और 31वें मिनट में लु यूआनलिन ने स्कोर को और आगे बढ़ाया। गाओ जिशेंग (33वें मिनट, पेनल्टी कॉर्नर), लिंग चांगलियांग (39वें मिनट), गुओ जियाओलॉन्ग (41वें मिनट), लु यानलिन (42वें और 44वें मिनट, पेनल्टी कॉर्नर), डु शिहाऊ (53वें मिनट, पेनल्टी कॉर्नर), चेन बेनहाई (56वें मिनट), और ओ जियाओलॉन्ग (58वें मिनट) ने गोलों की झड़ी लगाकर कजाकिस्तान को पूरी तरह से पस्त कर दिया।
चीन की रणनीति में सटीक पासिंग, तेज गति और पेनल्टी कॉर्नर का शानदार उपयोग देखने को मिला। कजाकिस्तान की टीम पूरे मैच में केवल एक गोल तक सीमित रही, जो उनकी रक्षात्मक कमजोरी को उजागर करता है।
राजगीर का अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम एक बार फिर दर्शकों के जोश से गूंज उठा। तीसरे दिन भी करीब 5000 दर्शकों ने स्टेडियम में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। जिनमें से अधिकांश भारत और जापान के बीच हुए मुकाबले को देखने आए थे। लेकिन चीन-कजाकिस्तान मैच में भी दर्शकों का उत्साह कम नहीं था। खासकर जब चीन ने लगातार गोल दागे तो स्टेडियम तालियों और सीटियों से गूंज उठा।
भारत-जापान मैच के दौरान दर्शकों का जोश चरम पर था। हर भारतीय गोल पर स्टेडियम में बैठा हर शख्स खड़ा होकर तालियां बजा रहा था। मैच से दो घंटे पहले ही दर्शक स्टेडियम के मुख्य द्वार पर लाइन लगाकर खड़े थे।
सुरक्षा कर्मियों ने बैग और सामानों की सख्त जांच के बाद ही प्रवेश दिया। स्टेडियम के अंदर और बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे, जिसने दर्शकों को एक सुरक्षित और उत्साहपूर्ण अनुभव प्रदान किया।
भारत और जापान के बीच हुए मुकाबले ने दर्शकों को अपनी सीटों से बांधे रखा। दोनों टीमें आक्रामक अंदाज में खेलीं, जिसके चलते पूरे मैच में चार कार्ड दिखाए गए। भारत के अमित रोहिदास और राजकुमार पाल को एक-एक ग्रीन कार्ड मिला, जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह को मैच के अंतिम मिनट में येलो कार्ड दिखाकर बाहर बैठा दिया गया। इसके बावजूद भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की।
चीन की इस जीत ने टूर्नामेंट में उनकी स्थिति को मजबूत किया है, लेकिन सुपर 4 में जगह पक्की करने के लिए जापान के खिलाफ होने वाला मुकाबला उनके लिए करो या मरो का होगा। कोच झांग शियाओ ने कहा कि हमारी टीम ने आज शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है। जापान के खिलाफ हम पूरी ताकत से उतरेंगे।
दूसरी ओर भारत अपनी जीत की लय को बरकरार रखने के लिए तैयार है। टूर्नामेंट का रोमांच अब चरम पर है और राजगीर का यह हॉकी उत्सव नालंदा के खेल प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव बन रहा है।





