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भूमि खरीद में 2 लाख से अधिक नगद जमा करने वालों पर IT ने कसा शिकंजा

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण। ब्लैक मनी के जरिए प्रोपर्टी बनाने वालों पर सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। भूमि खरीद-बिक्री के दौरान दो लाख रुपये से अधिक नगद जमा करने वाले लोगों की पहचान के लिए अभियान तेज कर दिया गया है। आयकर विभाग (IT) ने ऐसे सभी मामलों का विस्तृत डेटा मांगा है, जिसके बाद निबंधन कार्यालय ने जांच गति पकड़ ली है।

नालंदा जिला अवर निबंधक अजय कुमार झा के अनुसार अप्रैल 2025 से अब तक के उन सभी निबंधन मामलों की सूची तैयार की जा रही है, जिनमें दो लाख रुपये से अधिक नकद जमा किया गया है। इस संबंध में कर्मचारियों को तुरंत डेटा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक दो लाख रुपये से ज्यादा नकद लेन-देन पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसी नियम के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भूमि खरीद में अब भी बड़े पैमाने पर ब्लैक मनी का उपयोग होता है। असल कीमत से कम राशि निबंधन में दिखाकर शुल्क कम कराने और आयकर से बचने के लिए खरीदार अक्सर नगद में भुगतान करते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि दो लाख रुपये से अधिक नगद जमा करने वाले खरीदारों को राशि के स्रोत की जानकारी देनी होगी और यह भी बताना होगा कि उन्होंने डिजिटल भुगतान से दूरी क्यों बनाई।

दिलचस्प है कि जहां लोग छोटी-छोटी राशि का डिजिटल भुगतान करते हैं। वहीं बड़े भुगतान में अब भी नकदी को सुरक्षित मानते हैं। यही वजह है कि बड़े कारोबार में अभी भी डिजिटल लेन-देन नहीं किया जा रहा है। सरकारी सख्ती बढ़ने के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि काले धन से प्रोपर्टी बनाने वालों की मुश्किलें अब और बढ़ेंगी।

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