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Cyber Surakshit Bihar Drive: कतरीसराय में डिजिटल ठगी पर नुक्कड़ नाटक से किया जागरूक

सीसीएसयू, कतरीसराय थाना, एसबीआई और इंटेनेक्स्ट सॉल्यूशंस के संयुक्त प्रयास से लोगों को डिजिटल अरेस्ट, यूपीआई फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी से बचने के बताए गए उपाय।

कतरीसराय (नालंदा दर्पण)।  तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों के बीच आम लोगों को डिजिटल ठगी से बचाने के उद्देश्य से गुरुवार को कतरीसराय थाना क्षेत्र में जागरूकता आधारित नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। साइबर सुरक्षित बिहार अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में कलाकारों ने मनोरंजक प्रस्तुति के माध्यम से लोगों को साइबर अपराधियों के नए-नए हथकंडों से सतर्क रहने का संदेश दिया।Cyber Surakshit Bihar campaign 2

यह आयोजन बिहार पुलिस की साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट (सीसीएसयू), कतरीसराय थाना, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) तथा इंटेनेक्स्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सुझावों की जानकारी प्राप्त की।

नाटक के जरिए डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी और यूपीआई फ्रॉड, क्यूआर कोड स्कैम, फर्जी लोन ऐप, सोशल मीडिया ठगी, ऑनलाइन शॉपिंग धोखाधड़ी और निवेश के नाम पर होने वाली साइबर ठगी जैसे मामलों को सरल और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने लोगों से अपील की कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने या ऑनलाइन भुगतान से पहले ‘ रुकें, सोचें, सत्यापित करें, फिर क्लिक करें’ की आदत अपनाएं।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने नागरिकों को साइबर सुरक्षा के व्यावहारिक उपाय भी बताए। उन्होंने मजबूत पासवर्ड रखने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2एफए) का उपयोग करने, किसी के साथ ओटीपी, बैंकिंग पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने तथा संदिग्ध कॉल और लिंक से सतर्क रहने की सलाह दी।Cyber Surakshit Bihar campaign 3

साथ ही लोगों को बताया गया कि यदि किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का शिकार हों तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर आर्थिक नुकसान को रोका जा सके।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार साइबर ठगी के अधिकांश मामलों में तकनीकी खामी नहीं, बल्कि लोगों की छोटी-सी लापरवाही या जल्दबाजी का फायदा उठाया जाता है। इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ऑनलाइन लेन-देन से पहले कुछ सेकंड रुककर जानकारी की पुष्टि करना ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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