पुस्तक प्रदर्शनी में बोले DM- ‘बच्चों को किताबों की दुनिया से बाहर निकालें’

सिलाव (नालंदा दर्पण)। नालंदा विश्वविद्यालय द्वारा राजगीर नगर परिसर में छह दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी शुरू हुआ। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन जिलाधिकारी (DM) कुंदन कुमार और कुलपति प्रो सचिन चतुर्वेदी ने दीप प्रज्वलित कर किया।

पुरातत्व विभाग के स्टॉल में मानव एवं पशुओं के जीवाश्म और पुरावशेष प्रदर्शित किया गया है, जो मानव विकास की कालानुक्रमिक यात्रा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हैं। इस स्टॉल पर आगंतुकों के नाम मिस्त्री चित्रलिपि में लिखे गए तथा स्कूली बच्चों के लिए हड़प्पा मुहर की छाप वाले निःशुल्क बुकमार्क भी उपलब्ध कराए गये हैं।

इस अवसर पर डीएम ने कहा कि यह आयोजन बेहतर भविष्य की शुरुआत है। राजगीर जैसी पवित्र भूमि, जहां भगवान बुद्ध के चरण पड़े और उनकी वाणी गूंजो, ज्ञान और साधना का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि हमें इस अमूल्य विरासत को कैरी फॉरवर्ड करना चाहिए। हर व्यक्ति में दैवीय शक्ति निहित है, बस उसे जगाने की जरूरत है। नालंदा विश्वविद्यालय का यही प्रयास है कि हर बच्चे के भीतर छिपे बीज को अंकुरित कर ज्ञान का वृक्ष बनाया जाए।

डीएम ने कहा कि भारत की धरती ने दुनिया को शून्य दिया है। इससे आधुनिक तकनीक और विज्ञान का विकास हुआ है। नालंदा जैसी प्राचीन विश्वविद्यालय ज्ञान और शोध का वैश्विक केंद्र था।

उन्होंने युवाओं से कहा कि वे केवल नौकरी के लिए नहीं, बल्कि सृजन और नवाचार के लिए सोचें जैसे फेसबुक के संस्थापक ने किया। शिक्षा में प्रैक्टिकल लर्निंग की आवश्यकता है। बच्चों को किताबों से बाहर निकालकर प्रयोगात्मक रूप से ज्ञान दिया जाना चाहिए।

इस अवसर पर नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी ने कहा कि यह प्रदर्शनी ज्ञान, इतिहास और सामाजिक चेतना को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मंच है।

उन्होंने बताया कि पुस्तक प्रदर्शनी में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की दुर्लभ हस्तलिखित डायरी को भी शामिल किया गया है, जो स्वतंत्र भारत के आरंभिक दौर की ऐतिहासिक धरोहर को दर्शाती है।

कुलपति ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ सामाजिक उत्थान की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में स्वयं सहायता समूह से जुड़े लोगों को विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित कर उन्हें हुनरमंद बनाया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

उन्होंने यह भी बताया कि पर्यटन नगरी राजगीर में आने वाले देश विदेश के पर्यटकों को बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विदेशी भाषाओं में डेढ़ महीने का विशेष कोर्स चलाया जाएगा। इसके अलावा आधुनिक कंप्यूटर लैब स्थापित की जाएगी, जहां स्कूली बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा प्रदान कर उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त बनाया जायेगा।

Nalanda Darpan

नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error: Content is protected !!

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker