DM की सख्ती: 4 कृषि और 4 राजस्व कर्मियों का वेतन बंद

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में किसानों के शत-प्रतिशत पंजीकरण के लक्ष्य को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिला पदाधिकारी (DM) कुंदन कुमार के निर्देश पर 6 जनवरी से 9 जनवरी 2026 तक जिले के सभी प्रखंडों और पंचायतों में विशेष फॉर्मर रजिस्ट्री कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान की कड़ी निगरानी के लिए जिलास्तर पर विशेष मॉनिटरिंग टीम का भी गठन किया गया है।

इसी क्रम में जिला पदाधिकारी ने राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समीक्षा के दौरान कार्य में शिथिलता पाए जाने पर चार कृषि कर्मियों और चार राजस्व कर्मियों का वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया, जिससे प्रशासन की सख्ती का साफ संदेश गया।

जिला कृषि पदाधिकारी ने जानकारी दी कि एक ही दिन में 10,855 किसानों का ई-केवाईसी और 4,643 किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री पूरी की गई है। डीएम ने 09 जनवरी 2026 को जिलेभर में 20,000 फॉर्मर रजिस्ट्री पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है और सभी संबंधित अधिकारियों को इसमें पूरी तत्परता दिखाने का निर्देश दिया है।

अभियान के तहत अब सीएससी लॉगिन के माध्यम से किसानों का ई-केवाईसी और भूमि दावा (बकेट क्लेम) एक साथ किया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया तेज और सरल हो गई है। जिला प्रशासन ने निर्देश दिया है कि कैंप का आयोजन पूरी तरह व्यवस्थित ढंग से हो और इसकी जानकारी गांव-गांव तक व्यापक रूप से पहुंचाई जाए।

फॉर्मर रजिस्ट्री के लिए सीएससी द्वारा प्रति किसान 15 रुपये सेवा शुल्क निर्धारित किया गया है। सभी सीएससी को पहले से लॉगिन आईडी उपलब्ध करा दी गई है। डीएम ने सीएससी जिला प्रबंधक को रोजाना अधिक से अधिक किसानों की फॉर्मर आईडी बनाने का निर्देश दिया है।

जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि फॉर्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर अब नेम मैच स्कोर और थ्रेशहोल्ड लेवल के आधार पर पंजीकरण को तीन श्रेणियों में बांटा गया है।

उच्च सीमा (70% से अधिक): ई-केवाईसी और भूमि दावा सफल होने पर किसी अतिरिक्त राजस्वीय सत्यापन की जरूरत नहीं होगी।

मध्यम सीमा (30% से 70%): भूमि दावा हल्का कर्मचारी के माध्यम से अग्रसारित होगा, इसके बाद अंचल निरीक्षक और राजस्व अधिकारी सत्यापन करेंगे।

निम्न सीमा (30% से कम): ऐसे मामलों में फॉर्मर रजिस्ट्री नहीं होगी। किसान नाम, खाता, खेसरा और रकबा में सुधार कर दोबारा आवेदन करेंगे या पुरानी व्यवस्था के तहत भूमि सत्यापन कराएंगे।

अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के उद्देश्य से सेल्फ रजिस्ट्रेशन पोर्टल भी शुरू किया गया है। अब किसान एग्री स्टैक पोर्टल पर जाकर स्वयं ही फॉर्मर रजिस्ट्री करा सकते हैं। इस सुविधा की खास बात यह है कि न तो कैंप जाने की जरूरत है और न ही सीएससी केंद्र जाने की बाध्यता। आधार लिंक मोबाइल पर ओटीपी के माध्यम से आसान सत्यापन हो जाएगा।

जिला प्रशासन ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि में अपने नजदीकी सीएससी या फॉर्मर रजिस्ट्री कैंप में आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचकर फॉर्मर रजिस्ट्री, ई-केवाईसी और भूमि दावा की प्रक्रिया पूरी करें। ताकि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त हो सके।

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